September 26, 2026

Mahendragarh : हकेवि में विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर पौधारोपण अभियान एवं जागरूकता रैली का आयोजन

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Mahendragarh : हकेवि में विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर पौधारोपण अभियान एवं जागरूकता रैली का आयोजन

Mahendragarh : हकेवि में विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर पौधारोपण अभियान एवं जागरूकता रैली का आयोजन

Mahendragarh : हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग द्वारा विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर पौधारोपण अभियान एवं जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।

 

कार्यक्रम का आयोजन ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के अंतर्गत किया गया। इस वर्ष विश्व फार्मासिस्ट दिवस की थीम ‘स्वस्थ भारत: एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) से मुकाबला’ पर केंद्रित रही।

 

Mahendragarh : हकेवि में विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर पौधारोपण अभियान एवं जागरूकता रैली का आयोजन
Mahendragarh : हकेवि में विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर पौधारोपण अभियान एवं जागरूकता रैली का आयोजन

कार्यक्रम का उद्देश्य जनस्वास्थ्य के संवर्धन, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (रोगाणुरोधी प्रतिरोध) के बढ़ते खतरे के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा समाज में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना था। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, औषधीय पौधों के महत्व और एंटीमाइक्रोबियल दवाओं के जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।

 

पौधारोपण अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) टंकेश्वर कुमार, प्रोफेसर सुनीता श्रीवास्तव एवं समकुलपति प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा ने विश्वविद्यालय परिसर में औषधीय पौधे लगाए। इस पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर के विकास और औषधीय पौधों के महत्व को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।

 

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित जागरूकता रैली के माध्यम से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की समस्या और इसके नियंत्रण में फार्मासिस्टों की भूमिका के प्रति जागरूकता का प्रसार किया गया।

Mahendragarh : हकेवि में विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर पौधारोपण अभियान एवं जागरूकता रैली का आयोजन
Mahendragarh : हकेवि में विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर पौधारोपण अभियान एवं जागरूकता रैली का आयोजन

एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और परजीवी जैसे सूक्ष्मजीवों पर उनके विरुद्ध उपयोग की जाने वाली दवाओं का प्रभाव कम हो जाता है। इस चुनौती से निपटने के लिए दवाओं के विवेकपूर्ण एवं जिम्मेदार उपयोग और जनजागरूकता की आवश्यकता है।

 

इस अवसर पर विभाग ने स्वस्थ समाज के निर्माण में फार्मासिस्टों की भूमिका को रेखांकित करते हुए पर्यावरण संरक्षण, औषधीय पौधों के संवर्धन और रोगाणुरोधी दवाओं के उचित उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया। कार्यक्रम ने जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व को भी उजागर किया।

 

 

यह भी देखें – हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में सरस्वती-सिंधु सभ्यता पर एकदिवसीय गोष्ठी आयोजित, राखीगढ़ी की खुदाई और नए साक्ष्यों पर हुई व्यापक चर्चा

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