Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Student Suicide: यमुनानगर में दर्दनाक हादसा: मां की डांट से आहत 5वीं के छात्र ने की खुदकुशी, इलाके में सनसनी

GGaganpreet Kaur
यमुनानगर में दर्दनाक हादसा: मां की डांट से आहत 5वीं के छात्र ने की खुदकुशी, इलाके में सनसनी
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

यमुनानगर। बचपन की नादानियां और मां की मामूली सी डांट कभी इस कदर भारी पड़ जाएगी, इसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी। यमुनानगर के गांधी नगर इलाके में एक 13 वर्षीय मासूम ने सिर्फ इसलिए मौत को गले लगा लिया क्योंकि उसकी मां ने उसे पढ़ाई न करने पर टोक दिया था। मंगलवार दोपहर जब घर में कोई नहीं था, तब 5वीं कक्षा में पढ़ने वाले निखिल ने ऊपर के कमरे में जाकर आत्मघाती कदम उठा लिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा है और हर कोई स्तब्ध है।

चार दिन से स्कूल नहीं जा रहा था मासूम

विज्ञापन

निखिल, गांधी नगर निवासी मैनेजर शर्मा का सबसे छोटा बेटा था और स्थानीय विश्व समता हाई स्कूल में 5वीं क्लास में पढ़ता था। परिजनों के मुताबिक, निखिल पढ़ाई में थोड़ा कमजोर था, जिसे लेकर तीन-चार दिन पहले उसकी मां सुषमा देवी ने उसे अच्छे से पढ़ने की नसीहत देते हुए थोड़ा डांट दिया था। यह बात मासूम के मन को इतनी लग गई कि उसने स्कूल जाना बंद कर दिया और चुपचाप रहने लगा।

सूने घर में खौफनाक मंजर: जब मां दवा लेकर लौटी

मंगलवार का दिन इस परिवार के लिए किसी काली छाया की तरह आया। पिता काम पर गए थे और बड़े भाई-बहन अपने-अपने स्कूल। मां की तबीयत ढीली थी, इसलिए वह घर पर अकेले निखिल को छोड़कर अस्पताल दवाई लेने चली गईं। दोपहर करीब एक बजे जब सुषमा देवी घर वापस लौटीं, तो नीचे का हिस्सा खाली था। उन्होंने आवाजें दीं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। घबराई हुई मां जब ऊपर के कमरे में पहुंची, तो वहां का मंजर देखकर उनकी चीख निकल गई। टीन शेड की हुक के सहारे निखिल फंदे पर झूल रहा था। उसने फंदा बनाने के लिए अपनी ही मां के प्लाजो का इस्तेमाल किया था। सुषमा देवी का शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर दौड़े और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

हंसमुख स्वभाव, लेकिन अंदर ही अंदर टूट गया था निखिल

निखिल के बड़े भाई विकास ने बताया कि उनका भाई स्वभाव से बेहद हंसमुख था और कभी नहीं लगा कि वह ऐसा कुछ कर बैठेगा। वहीं, गांधी नगर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच अधिकारी नवतेज सिंह ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने मौके का मुआयना किया है। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच में मां की डांट के बाद उपजी नाराजगी ही इस आत्मघाती कदम की वजह नजर आ रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। यह घटना उन अभिभावकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है, जो बच्चों के मानसिक दबाव को अक्सर पहचान नहीं पाते।

विज्ञापन

यमुनानगर की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।