यमुनानगर। यमुनानगर जिले में आज ईद-उल-अजहा का पर्व पूरे धार्मिक उल्लास, श्रद्धा और आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया। सुबह की पहली किरण के साथ ही नए कपड़ों में सजे-धजे नमाजी शहर की विभिन्न ईदगाहों और ऐतिहासिक मदरसों की तरफ बढ़ने लगे थे। नमाज का वक्त होते ही सफों में हजारों सिर एक साथ खुदा की बारगाह में सजदे में झुक गए। इस दौरान पूरा माहौल रूहानियत से सराबोर नजर आया और हर हाथ ने देश में अमन, चैन, तरक्की और आपसी भाईचारे को बनाए रखने की पुरजोर दुआ मांगी।
‘इंसानियत और त्याग का पर्व है ईद, कानून का हो पूरा सम्मान’
नमाज मुकम्मल होने के बाद मदरसे के इमाम अब्दुल सत्तार ने वहां मौजूद आवाम को संबोधित करते हुए एक बेहद अहम और संजीदा संदेश दिया। इमाम ने कहा कि ईद-उल-अजहा असल में त्याग, बलिदान और इंसानियत का पर्व है, जो हमें दूसरों के काम आने की सीख देता है। उन्होंने कानून व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने का जिक्र करते हुए साफ कहा कि हमारा संविधान हमें जिन जानवरों की कुर्बानी की इजाजत देता है, सिर्फ उन्हीं की कुर्बानी दी जाए। जिन पर पाबंदी है, उनसे पूरी तरह दूरी बनाई जानी चाहिए ताकि किसी भी दूसरे समुदाय या व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को जरा भी ठेस न पहुंचे।
गले मिलकर दूर की दूरियां, बच्चों में दिखा खास उत्साह
नमाज के बाद ईदगाहों के बाहर का नजारा बेहद खूबसूरत था, जहां हर कोई एक-दूसरे को गले लगाकर ‘ईद मुबारक’ कह रहा था। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के चेहरों पर इस पाक मौके की खुशी साफ देखी जा सकती थी। बच्चों ने जहां ईदी पाकर अपनी खुशी का इजहार किया, वहीं बड़ों ने इस मौके को आपसी गिले-शिकवे भुलाकर एक होने का जरिया बताया। धर्मगुरुओं ने भी इस बात पर जोर दिया कि त्योहार का असली मकसद ही समाज में प्रेमभाव और शांति की स्थापना करना है।
सुरक्षा के कड़े पहरे में संपन्न हुई नमाज, पुलिस रही अलर्ट
इस बड़े धार्मिक आयोजन को देखते हुए जिला पुलिस और स्थानीय प्रशासन पहले से ही पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। शहर के तमाम संवेदनशील चौराहों, मुख्य रास्तों और ईदगाहों के आसपास तड़के से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। आला प्रशासनिक अधिकारियों ने खुद फील्ड में उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासन की इसी मुस्तैदी और दोनों समुदायों के बीच बेहतरीन तालमेल की बदौलत यमुनानगर में ईद का यह त्योहार बिना किसी खलल के बेहद शांतिपूर्ण और गरिमामयी माहौल में संपन्न हुआ।

