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Yamunanagar News: 75 लाख की रंगदारी मांगने वाला शिव साहनी ऐसे करता था ब्लैकमेल, बेटा और दामाद भी पुलिस रडार पर

AAmandeep Singh
Yamunanagar News: 75 लाख की रंगदारी मांगने वाला शिव साहनी ऐसे करता था ब्लैकमेल, बेटा और दामाद भी पुलिस रडार पर
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यमुनानगर। यमुनानगर में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर रंगदारी का समानांतर साम्राज्य चलाने वाले एक शातिर दिमाग का भंडाफोड़ हुआ है। शराब कारोबारी विनय साहनी से 75 लाख रुपये की मोटी रकम वसूलने के चक्कर में सलाखों के पीछे पहुंचे शिव साहनी का आपराधिक जाल जितना सीधा दिख रहा था, हकीकत में वह उतना ही उलझा हुआ है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में जो तथ्य छनकर बाहर आ रहे हैं, वे बताते हैं कि यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित सिंडिकेट है जिसके तार सरहद पार से भी जुड़े हुए हैं।

बेटा और दामाद रचते थे विदेशी धमकियों का ताना-बाना

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अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, शिव साहनी का बेटा नमन साहनी और दामाद रमन इस पूरे खेल के ‘ग्लोबल कनेक्टर’ थे। ये दोनों विदेशों में बैठे कुछ ऐसे तत्वों के लगातार संपर्क में थे, जो इंटरनेट कॉलिंग और वर्चुअल नंबरों के जरिए भारत में बैठे व्यापारियों को डराने का काम करते थे।

पुलिस को पुख्ता अंदेशा है कि बीते 3 जून को जब शराब कारोबारी विनय साहनी को फोन पर जान से मारने की धमकी मिली थी, उसकी स्क्रिप्ट भी इसी तिकड़ी ने मिलकर लिखी थी। विदेशी नंबरों से आने वाली इन कॉल्स की वजह से पीड़ित बुरी तरह सहम जाते थे और मामले को रफा-दफा करने के लिए पैसे देने को तैयार हो जाते थे।

शिकायतों का अंबार और उगाही का पूरा पैटर्न

शिव साहनी के काम करने का तरीका किसी पेशेवर अपराधी से अलग लेकिन बेहद खतरनाक था। वह सबसे पहले आरटीआई कानून का दुरुपयोग कर विभिन्न व्यापारियों, बिल्डरों और शराब कारोबारियों के व्यापार से जुड़े बारीक दस्तावेज और कमियां निकालता था। इसके बाद वह संबंधित विभागों—जैसे आबकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या स्थानीय प्रशासन में उनकी शिकायतें भेज देता था। जब विभागों की तरफ से नोटिस आने शुरू होते, तब शिव साहनी मध्यस्थ बनकर सामने आता और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर लाखों रुपये की डील फाइनल करता था।

जाल बिछाकर छप्पर पुलिस ने दबोचा

इस पूरे सिंडिकेट का अंत तब शुरू हुआ जब पंचकूला के रहने वाले शराब कारोबारी विनय साहनी ने घुटने टेकने के बजाय पुलिस की शरण ली। पुलिस ने शिकायत मिलते ही एक सोची-समझी रणनीति तैयार की। डील के तहत पहली किश्त के रूप में 4 लाख रुपये देने के लिए आरोपी ने विनय को जिमखाना क्लब बुलाया। शिव साहनी को भनक तक नहीं थी कि जिस रकम को वह अपनी जीत समझकर हाथ में थाम रहा है, वह उसके लिए जेल का टिकट साबित होगी। पहले से सादे कपड़ों में मुस्तैद छप्पर थाना पुलिस ने उसे मौके पर ही दबोच लिया और केमिकल लगे नोट बरामद कर लिए।

फिलहाल, अदालत से रिमांड पर लिए गए आरोपी के बैंक खातों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल के डिलीट किए गए डेटा और व्हाट्सएप चैट के बैकअप से कई और बड़े चेहरों और पीड़ितों के नामों का खुलासा हो सकता है, जो अब तक बदनामी और डर के मारे चुप बैठे थे।

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