हरियाणा। हरियाणा के यमुनानगर में बुधवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। जिले के व्यासपुर क्षेत्र में स्थित सलेमपुर गांव की एक फैक्टरी में गैस सिलेंडर बदलते समय हुए जोरदार विस्फोट ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। धमाका इतना भीषण था कि इसकी गूंज दूर तक सुनाई दी और आसपास के घरों में मौजूद लोग दहशत के मारे बाहर निकल आए। इस हादसे की चपेट में आने से फैक्टरी में मौजूद मजदूरों और कुछ मासूम बच्चों सहित कुल 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। चीख-पुकार मचते ही स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े और आनन-फानन में घायलों को जगाधरी के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।
मजदूर बदल रहे थे सिलेंडर, तभी काल बन गया धमाका
जानकारी के मुताबिक, सलेमपुर गांव की इस यूनिट में मजदूर रोजाना की तरह अपना काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोपहर के वक्त जब एक खाली सिलेंडर को बदलकर नया सिलेंडर लगाया जा रहा था, तभी अचानक रिसाव या तकनीकी खामी की वजह से वह बम की तरह फट गया। सिलेंडर फटते ही आग की लपटों ने वहां मौजूद लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में घायल हुए लोगों में वहां रह रहे मजदूरों के परिवार के बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं, जो इस लापरवाही का शिकार बन गए।
अस्पताल में अफरा-तफरी, कई घायलों की हालत नाजुक
जगाधरी के सिविल अस्पताल में घायलों को लाए जाने के बाद वहां इमरजेंसी वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल रहा। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के अनुसार, धमाके और आग की वजह से कुछ लोग बुरी तरह झुलस गए हैं। घायलों के शरीर पर गहरे जख्म और जलने के निशान हैं, जिसके चलते कुछ की स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। डॉक्टरों की विशेष टीम उनका उपचार कर रही है और गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को हायर सेंटर रेफर करने की तैयारी भी की जा रही है।
पुलिस जांच में जुटी: सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने फैक्टरी परिसर को सील कर दिया है और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। शुरुआती जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या फैक्टरी में गैस सिलेंडर के उपयोग को लेकर तय सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि अगर जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो फैक्टरी मालिक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

