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Yamunanagar Medical Negligence: यमुनानगर के जेपी अस्पताल में सिजेरियन के बाद महिला की मौत, परिजनों का भारी हंगामा

GGaganpreet Kaur
यमुनानगर के जेपी अस्पताल में सिजेरियन के बाद महिला की मौत, परिजनों का भारी हंगामा
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यमुनानगर। यमुनानगर के रेलवे रोड पर स्थित जेपी अस्पताल में बुधवार को एक प्रसूता की मौत के बाद गुरुवार सुबह जमकर बवाल हुआ। आजाद नगर की रहने वाली 28 वर्षीय एकता पत्नी चिराग अरोड़ा को बुधवार सुबह डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए एकता ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया, लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और अंततः मोहाली ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में ढिलाई और लापरवाही का संगीन आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया। सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

साल भर पहले हुई थी शादी, दिल्ली से आई थीं डिलीवरी कराने

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मूल रूप से यमुनानगर का रहने वाला यह परिवार पिछले कुछ समय से दिल्ली में रह रहा था। मृतका एकता दिल्ली के एक एचडीएफसी बैंक में कैशियर के पद पर तैनात थीं, जबकि उनके पति चिराग अरोड़ा का दिल्ली और यमुनानगर में कार एसेसरीज का बड़ा कारोबार है। दोनों की शादी महज एक साल पहले हुई थी। गर्भावस्था के आखिरी महीने होने के कारण एकता करीब दो महीने पहले अपने ससुराल आजाद नगर आई थीं और जेपी अस्पताल की डॉक्टर ममता की देखरेख में उनका रूटीन चेकअप चल रहा था। परिजनों के मुताबिक, बुधवार सुबह जब एकता को अस्पताल लाया गया तो वह पूरी तरह स्वस्थ थीं और उन्हें कोई लेबर पेन (प्रसव पीड़ा) नहीं था, लेकिन डॉक्टरों ने इंजेक्शन देने के बाद आनन-फानन में सिजेरियन ऑपरेशन का फैसला ले लिया।

ब्लीडिंग होने पर मोहाली रेफर किया, एम्बुलेंस में सफाईकर्मी भेजने का आरोप

मृतका की मासी सास प्रतिभा ने बताया कि सुबह करीब साढ़े दस बजे ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने जच्चा-बच्चा दोनों को खतरे से बाहर बताया था। लेकिन दोपहर तीन बजे अचानक परिवार को केबिन में बुलाकर कहा गया कि एकता का ब्लड प्रेशर (बीपी) अनियंत्रित है और ब्लीडिंग बहुत ज्यादा हो रही है। परिजनों का आरोप है कि जब स्थिति हाथ से निकलने लगी तो डॉक्टरों ने उसे मोहाली के फोर्टिस अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, लेकिन इस कागजी प्रक्रिया और एम्बुलेंस बुलाने में करीब डेढ़ घंटे का कीमती वक्त बर्बाद कर दिया गया। परिजनों ने यह भी सनसनीखेज आरोप लगाया कि गंभीर रूप से बीमार एकता के साथ किसी स्पेशलिस्ट मेडिकल टीम को भेजने के बजाय अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी को एम्बुलेंस में भेज दिया गया। शाम करीब 5 बजे मोहाली ले जाते वक्त रास्ते में थाना छप्पर के पास एकता ने दम तोड़ दिया।

अस्पताल की सफाई: ‘बच्चेदानी ढीली होने से हुआ कॉम्पिटिशन, आरोप बेबुनियाद’

दूसरी ओर, जेपी अस्पताल की डॉक्टर ममता ने मेडिकल नेग्लिजेंस (लापरवाही) के इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने मीडिया को बताया कि सिजेरियन के बाद मरीज की बच्चेदानी (यूटरस) अचानक काफी ढीली पड़ गई थी, जिसे चिकित्सा विज्ञान में ‘एटोनिक यूटरस’ कहा जाता है। इस स्थिति में खून का थक्का नहीं जमता और अत्यधिक ब्लीडिंग होती है। डॉक्टर ममता के मुताबिक, ब्लीडिंग रोकने के लिए अस्पताल की पूरी टीम ने हर मुमकिन कोशिश की और परिजनों को पल-पल की अपडेट दी जा रही थी। उन्होंने रेफर करने में देरी के आरोप पर कहा कि मरीज को एम्बुलेंस में शिफ्ट करने से पहले उसकी हालत को स्थिर (स्टेबलाइज) करना जरूरी था ताकि वह सफर बर्दाश्त कर सके। उन्होंने एम्बुलेंस में सफाईकर्मी भेजने की बात को गलत बताते हुए कहा कि उनके साथ आईसीयू एक्सपर्ट भेजा गया था। फिलहाल सिटी थाना पुलिस ने परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।

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