यमुनानगर। यमुनानगर के सदर जगाधरी इलाके के एक गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर पुलिस से लेकर आम जनता तक हर कोई हैरान है। दरअसल, 17 मई को इस 11 साल के बच्चे का जन्मदिन था और वह कई दिनों से अपने माता-पिता से तोहफे में पियानो दिलाने की जिद पर अड़ा हुआ था। परिवार की माली हालत ऐसी नहीं थी कि वे इतना महंगा वाद्य यंत्र खरीद सकें, इसलिए उन्होंने मना कर दिया। बस इसी बात से नाराज होकर बच्चे ने माता-पिता को डराने और अपनी मांग मनवाने के लिए आत्म-अपहरण का खतरनाक खेल खेल डाला। बाद में पूछताछ के दौरान उसने कुबूल किया कि यह तरकीब उसने टीवी पर आने वाले एक नामचीन क्राइम शो को देखकर सीखी थी।
दोस्त की ‘ढीली रस्सी’ ने बिगाड़ा खेल
तय स्क्रिप्ट के मुताबिक, रविवार रात करीब आठ बजे बच्चा घर से गली में टहलने के बहाने निकला और गायब हो गया। उसने गांव के ही अपने एक 12 वर्षीय दोस्त को पैसों का लालच देकर इस खेल में शामिल किया। उसने दोस्त से कहा कि वह उसके हाथ-पैर रस्सी से बांधकर उसे सड़क किनारे छोड़ दे। दोस्त ने बात तो मान ली, लेकिन उम्र का तकाजा कहिए या पुलिस का खौफ, उसने रस्सी इतनी ढीली बांधी कि कोई भी देखकर भांप जाए। इधर, बेटे के अचानक लापता होने से बदहवास पिता ने तुरंत सदर जगाधरी पुलिस को इत्तिला दी। पुलिस ने जैसे ही खोजी अभियान शुरू किया, बच्चा गांव के बाहर सड़क किनारे बंधा हुआ मिल गया।
बेकसूर राहगीर की पिटाई और पुलिस की सख्ती
मामला तब और पेचीदा हो गया जब सड़क किनारे बंधे बच्चे को देख एक नेकदिल बाइक सवार युवक मदद के लिए वहां रुका। इतने में शोर सुनकर ग्रामीण भी मौके पर आ धमके और उन्होंने बिना सोचे-समझे उस राहगीर को ही किडनैपर मानकर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी और पुलिस को सौंप दिया। थाने पहुंचने पर बच्चे ने कहानी को और मिर्च-मसाला देते हुए कहा कि बाइक सवार दो बदमाशों ने उसका अपहरण किया था और वे फिरौती मांगने वाले थे।
तफ्तीश कर रहे जांच अधिकारी आनंद प्रकाश ने जब कड़ाई से पूछताछ शुरू की और बदमाशों के हुलिए तथा चीख-पुकार न मचाने की वजह पूछी, तो बच्चा बगले झांकने लगा। पुलिस के तीखे सवालों के आगे उसकी झूठी कहानी ताश के पत्तों की तरह ढह गई और वह फूट-फूटकर रोने लगा। सच सामने आने के बाद सोमवार को बच्चे के बयान किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष दर्ज कराए गए हैं और बाल कल्याण समिति (CWC) द्वारा उसकी काउंसलिंग की जा रही है ताकि उसके जेहन से इस स्क्रीन-क्राइम के असर को कम किया जा सके।

