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Yamunanagar Road Accident: यमुनानगर में दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर से गिरकर 25 वर्षीय दिव्यांग शारून की मौत, पेट पर चढ़ा भारी टायर

GGaganpreet Kaur
यमुनानगर में दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर से गिरकर 25 वर्षीय दिव्यांग शारून की मौत, पेट पर चढ़ा भारी टायर
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यमुनानगर।  यमुनानगर के छोटा लापरा गांव में उस वक्त मातम पसर गया जब दोपहर के सन्नाटे को एक मनहूस खबर ने तोड़ दिया। गांव के एक सीधे-साधे और बचपन से दिव्यांग 25 वर्षीय युवक शारून की ट्रैक्टर के नीचे आ जाने से मौत हो गई। हादसा कलानौर पुलिस चौकी के अंतर्गत आने वाले इलाके में हुआ, जहां थर्मल प्लांट की राख (फ्लाई ऐश) लेने जा रहे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर बैठे शारून का संतुलन अचानक बिगड़ गया। वह सीधे चलते हुए ट्रैक्टर के नीचे जा गिरा और इससे पहले कि चालक ब्रेक लगा पाता, भारी-भरकम टायर उसके पेट को कुचलता हुआ आगे निकल गया। चीख-पुकार सुनकर दौड़े राहगीरों ने आनन-फानन में उसे बहरामपुर के अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

“डेढ़ बजे जब्बार साथ लेकर गया था, फिर सीधे अस्पताल से आया फोन”

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मृतक के चचेरे भाई आरिफ ने रुंधे गले से बताया कि शारून शारीरिक रूप से लाचार होने के बावजूद कभी किसी पर बोझ नहीं बना। वह अपने स्तर पर पशुपालन का काम देखता था और अमूमन घर पर ही रहता था। शुक्रवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे गांव का ही एक अन्य युवक जब्बार उसे अपने साथ ट्रैक्टर पर बैठाकर ले गया था। परिजनों को बताया गया था कि वे दोनों थर्मल प्लांट से राख लाने जा रहे हैं। इसके कुछ ही घंटों बाद बहरामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से एक परिचित का फोन आया कि शारून लहूलुहान हालत में अस्पताल में भर्ती है। जब तक परिवार के लोग बदहवास हालत में वहां पहुंचे, डॉक्टरों ने शारून को मृत घोषित कर दिया था।

परिजनों ने जताई आशंका, पुलिस बोली—होगी निष्पक्ष जांच

इस हादसे के बाद पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है, साथ ही उनके मन में कुछ सवाल भी कौंध रहे हैं। भाई आरिफ का कहना है कि शारून ट्रैक्टर से कैसे गिरा और उस वक्त वहां क्या परिस्थितियां थीं, इसकी पूरी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। घटना की सूचना मिलते ही कलानौर पुलिस चौकी से जांच अधिकारी कर्मबीर सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर और फिर अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर शव को यमुनानगर के नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। जांच अधिकारी का कहना है कि परिजनों के बयानों के आधार पर केस दर्ज किया जा रहा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हादसे के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।

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