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Yamunanagar Fraud News: यमुनानगर: दवा कंपनी के अकाउंटेंट ने किया ₹1.50 करोड़ का गबन, पत्नी के साथ हुआ फरार।

GGaganpreet Kaur
यमुनानगर: दवा कंपनी के अकाउंटेंट ने किया ₹1.50 करोड़ का गबन, पत्नी के साथ हुआ फरार।
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यमुनानगर।  यमुनानगर में रेमडेसिविर जैसी महत्वपूर्ण दवाइयां बनाने वाली कंपनी ‘ओसकार रेमडीज’ में करोड़ों के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कंपनी के एक भरोसेमंद अकाउंटेंट ने साजिशन बैंक खातों और पेमेंट रिकॉर्ड में ऐसी हेराफेरी की कि संचालक को कानों-कान खबर तक नहीं हुई। जब तक मामले की परतें खुलीं, तब तक आरोपी आकाश दीप करीब डेढ़ करोड़ रुपये डकार चुका था। फिलहाल, आरोपी अपने यमुना विहार कॉलोनी स्थित मकान पर ताला लगाकर अपनी पत्नी के साथ फरार है। सदर थाना पुलिस ने कंपनी संचालक की शिकायत पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

भरोसे की आड़ में रचा गया ठगी का जाल

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कंपनी के संचालक नवदीप ढींगरा के अनुसार, उनकी मुख्य यूनिट हिमाचल के कालाआंब में है, जबकि यमुनानगर के बाड़ी माजरा में कार्यालय है। आरोपी आकाश दीप को जनवरी 2025 में अकाउंटेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। शुरुआत में आकाश ने अपनी कार्यकुशलता से मैनेजमेंट का भरोसा जीता, जिसके चलते बैंकिंग और पेमेंट से जुड़े तमाम काम उसे सौंप दिए गए। इसी का फायदा उठाकर उसने ऑनलाइन ट्रांसफर की जाने वाली पेमेंट में हेरफेर शुरू कर दी। वह पेमेंट की जो लिस्ट तैयार करता, उसमें गुपचुप तरीके से अपनी पत्नी राधा और दोस्त सुनील कुमार के खाते जोड़ देता था।

दूसरी फर्मों के फोन आए तब खुला ‘करोड़ों का राज’

इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब कंपनी को पेमेंट भेजने वाली दूसरी फर्मों ने लेन-देन में विसंगति की जानकारी दी। शक होने पर जब इंटरनल ऑडिट किया गया, तो कंपनी के पैरों तले जमीन खिसक गई। जांच में सामने आया कि करीब 1.50 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि कंपनी के खाते से निकलकर आरोपी के रिश्तेदारों और दोस्तों के पास पहुंची है। दबाव बनने पर आरोपी को पुलिस के सामने बुलाया गया, जहां उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए 43 लाख रुपये तो वापस कर दिए और बाकी रकम के बदले अपना प्लॉट बेचने का झांसा दिया।

प्लाट बेचने का झांसा देकर हुआ रफूचक्कर

पुलिस को दी शिकायत में बताया गया है कि आरोपी ने बाकी के पैसे लौटाने के लिए कुछ समय मांगा था। लेकिन जब तय समय सीमा बीत गई और कंपनी ने संपर्क करने की कोशिश की, तो आरोपी का फोन स्विच ऑफ मिला। जब पुलिस टीम उसके घर पहुंची, तो पता चला कि वह अपनी पत्नी राधा के साथ रातों-रात घर छोड़कर भाग चुका है। अब पुलिस आरोपी के दोस्त सुनील और फरार दंपति की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। कंपनी के दस्तावेजों और बैंक ट्रांजैक्शन की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि गबन की सटीक राशि और अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा सके।

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