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Yamunanagar Police Attack: यमुनानगर में पुलिस टीम पर हमला, नशा तस्कर को कस्टडी से छुड़ा ले गईं महिलाएं, वीडियो वायरल

GGaganpreet Kaur
यमुनानगर में पुलिस टीम पर हमला, नशा तस्कर को कस्टडी से छुड़ा ले गईं महिलाएं, वीडियो वायरल
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यमुनानगर। हरियाणा के यमुनानगर से कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक बेहद हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। रादौर क्षेत्र के छोटा बांस गांव में तस्कर को पकड़ने गई करनाल सीआईए (CIA) की टीम पर ग्रामीणों ने धावा बोल दिया। इस दुस्साहसिक हमले का एक तकरीबन 4 मिनट का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सादी वर्दी में पहुंची पुलिस टीम के साथ महिलाएं और युवक सरेआम मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। उग्र भीड़ का रौद्र रूप देखकर पुलिसकर्मियों को जान बचाकर मौके से भागना पड़ा, जबकि आरोपी को भीड़ कस्टडी से छीनकर ले गई।

यह पूरी वारदात मंगलवार शाम उस वक्त हुई जब करनाल की असंध सीआईए टीम एक गुप्त सूचना के आधार पर छोटा बांस गांव की डेहा बस्ती में रेड करने पहुंची थी। टीम एनडीपीएस एक्ट के तहत वांछित आरोपी राजेंद्र कुमार बंगाली को दबोचने के लिए एक सरकारी और एक प्राइवेट गाड़ी में सवार होकर आई थी। पुलिस ने जैसे ही आरोपी को हिरासत में लेकर गाड़ी में बिठाया, वैसे ही पूरी बस्ती के लोग लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर लेकर गाड़ियों पर टूट पड़े।

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दांतों से काटा, ईंटें बरसाईं; वीडियो में कैद हुई पुलिस की बेबसी

सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि सीआईए की टीम आरोपी राजेंद्र कुमार को गाड़ी में बिठाने की जद्दोजहद कर रही है, लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस वाहन को चारों तरफ से बंधक बना लिया। भीड़ को हिंसक होता देख जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें पीछे धकेला, तो कुछ महिलाएं जमीन पर गिर गईं। इसके बाद महिलाएं और उग्र हो गईं और सड़क पर सिर पटककर रोने का नाटक करने लगीं। इसी बीच एक पुलिसकर्मी ने भीड़ को खदेड़ने के लिए गाड़ी से डंडा निकाला और जमीन पर पटका, जिससे डंडा टूट गया।

डंडा टूटते ही महिलाओं का हौसला बढ़ गया और उन्होंने पुलिस टीम पर सीधे पत्थरों की बारिश शुरू कर दी। एक पुलिसकर्मी ने आखिरी वक्त तक आरोपी की पैंट पकड़कर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन धक्का-मुक्की के बीच एक महिला ने सीआईए कर्मी के हाथ पर अपने दांतों से बुरी तरह काट लिया। दर्द से छटपटाते पुलिसकर्मी की पकड़ ढीली होते ही भीड़ आरोपी को छुड़ाकर संकरी गलियों में गायब हो गई। इस पथराव और हमले में कई सीआईए कर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका सिविल अस्पताल में मेडिकल कराया गया है।

तीन साल पहले भी इसी गांव में तोड़ा था एएसआई का पैर

करनाल के असंध सीआईए प्रभारी एसआई प्रवीण कुमार के मुताबिक, राजेंद्र कुमार के खिलाफ इसी साल 30 अप्रैल 2026 को नशा तस्करी का गंभीर मामला दर्ज हुआ था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। पुलिस की गाड़ियां इस हमले में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं और उनके शीशे चकनाचूर हो गए हैं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद एहतियात के तौर पर गांव में रातभर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अब वीडियो के एक-एक फ्रेम को खंगालकर हमलावरों को चिन्हित करने में जुटी है।

गौर करने वाली बात यह है कि छोटा बांस गांव में पुलिस पर हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है। ठीक तीन साल पहले भी रादौर थाने के एएसआई नर सिंह जब एक अन्य आरोपी को पकड़ने इसी गांव में घुसे थे, तब भी ग्रामीणों ने उन पर जानलेवा हमला कर उनका पैर तोड़ दिया था और आरोपी को छुड़ा ले गए थे। इस इलाके में नशा तस्करों और उनके संरक्षकों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने पुलिस की एंट्री रोकने के लिए अपने घरों में खतरनाक और आक्रामक नस्ल के कुत्ते तक पाल रखे हैं, जो अक्सर पुलिस टीमों पर छोड़ दिए जाते हैं।

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