Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Yamunanagar News: यमुनानगर में अंधड़ का तांडव: ताजेवाला और चांदपुर में पॉपुलर के पेड़ गिरने से किसानों को भारी नुकसान, बत्ती गुल

GGaganpreet Kaur
यमुनानगर में अंधड़ का तांडव: ताजेवाला और चांदपुर में पॉपुलर के पेड़ गिरने से किसानों को भारी नुकसान, बत्ती गुल
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

यमुनानगर (रघबीर सिंह) उत्तर भारत में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच यमुनानगर के प्रताप नगर इलाके के लोगों के लिए बीती रात राहत और आफत दोनों एक साथ लेकर आई। देर रात अचानक मौसम ने करवट बदली और आसमान में घने काले बादलों के साथ आई तेज आंधी और कड़कड़ाती बारिश ने पूरे क्षेत्र को सराबोर कर दिया। इस प्राकृतिक बदलाव से पारा तो नीचे लुढ़क गया और लोगों ने चैन की सांस ली, लेकिन आंधी की रफ्तार इतनी खौफनाक थी कि उसने क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और खासकर कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचाया है। मुख्य रास्तों पर पेड़ गिरने से सुबह के वक्त यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे बाद में ग्रामीणों और प्रशासन की मदद से साफ किया गया।

पॉपुलर के पेड़ धराशायी; ताजेवाला और कलेसर के किसानों पर आर्थिक मार

विज्ञापन

इस अंधड़ का सबसे दर्दनाक असर यमुना नदी से सटे बेल्ट के किसानों पर पड़ा है। क्षेत्र के सजग पत्रकार रघबीर सिंह की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, कलेसर, अराइयावाला, ताजेवाला, चांदपुर, नागल पट्टी, मिल्क और फैजपुर जैसे गांवों में आंधी का तांडव सबसे ज्यादा देखने को मिला। इन इलाकों में व्यावसायिक रूप से उगाए जाने वाले पॉपुलर के सैकड़ों पेड़ ताश के पत्तों की तरह ढह गए। प्रभावित किसानों का कहना है कि पेड़ टूटने से उनकी बरसों की मेहनत और पूंजी मिट्टी में मिल गई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पटवारियों की स्पेशल टीम भेजकर उनके नुकसान का जल्द से जल्द गिरदावरी (आकलन) कराई जाए ताकि उन्हें उचित मुआवजा मिल सके।

कटी रही रात; बिजली की तारों पर गिरे पेड़, फॉल्ट ढूंढने में जुटी टीमें

मौसम की इस मार से उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) का सिस्टम भी पूरी तरह चरमरा गया। तूफानी हवाओं के चलते जगह-जगह बिजली के खंभे टेढ़े हो गए और तारों पर पेड़ों की भारी टहनियां टूटकर गिर गईं। इसके चलते सुरक्षा के लिहाज से उप-केंद्रों से पूरी सप्लाई काटनी पड़ी और दर्जनों गांव पूरी रात घने अंधेरे में डूबे रहे। ग्रामीण इलाकों में इन्वर्टर भी जवाब दे गए, जिससे सुबह के वक्त पानी की किल्लत की स्थिति बन गई। हालांकि, बिजली विभाग के कर्मचारी और तकनीकी टीमें रात से ही मुस्तैद दिखाई दीं।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, नुकसान का दायरा काफी बड़ा है, इसलिए विभिन्न गांवों में पेट्रोलिंग कर फॉल्ट और क्षतिग्रस्त लाइनों को चिन्हित किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र और यमुनानगर के इस सीमावर्ती इलाके में लाइनमैन और फोरमैन की टीमें युद्ध स्तर पर पेड़ों को हटाने और टूटे तारों को जोड़ने के काम में जुटी हुई हैं। विभाग का दावा है कि शाम तक सभी प्रभावित फीडरों की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति को पूरी तरह सुचारू कर दिया जाएगा। राहत की बात यह है कि इस पूरे घटनाक्रम में कहीं से भी किसी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।

विज्ञापन

यमुनानगर की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।