यमुनानगर। यमुनानगर के गधौली माजरा गांव में शनिवार को एक बेहद दुखद और हैरान करने वाली घटना सामने आई। यहां रहने वाले मोतीराम की 17 वर्षीय बेटी हैप्पी रानी ने शनिवार दोपहर को घर पर सामान्य रूप से खाना खाया और उसके बाद बाहर निकल गई। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह कोई आत्मघाती कदम उठाने जा रही है। घर से कुछ ही दूरी पर स्थित पश्चिमी यमुना नहर के किनारे पहुंचकर उसने अचानक उफनती लहरों में छलांग लगा दी। किनारे पर मौजूद राहगीरों ने जब लड़की को नहर में कूदते देखा, तो तुरंत शोर मचाया और मामले की जानकारी लड़की के परिवार व पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस और गोताखोरों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी हैप्पी, कदम उठाने की वजह से हर कोई हैरान
नहर का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आखिरकार कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार देर शाम हमीदा हेड के पास से किशोरी का शव बरामद कर लिया गया। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने रुआंसे गले से बताया कि हैप्पी ने दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी और वह अपनी तीन बहनों और एक छोटे भाई में सबसे बड़ी थी। पूरे घर की लाडली हैप्पी अचानक ऐसा खौफनाक कदम उठा लेगी, इस बात पर ग्रामीणों और परिजनों को यकीन नहीं हो रहा है। परिवार का साफ कहना है कि घर का माहौल पूरी तरह शांत था और किसी भी बात को लेकर कोई तनाव या झगड़ा नहीं हुआ था।
सुसाइड नोट न मिलने से उलझी गुत्थी, पोस्ट मार्टम और बयानों से खुलेगा राज
इस रहस्यमयी मौत ने पुलिस के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया है, जहां रविवार को डॉक्टरों के पैनल द्वारा उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। इसके बाद ही शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा जाएगा। मामले की तफ्तीश कर रहे सदर थाना प्रभारी (SHO) कमलजीत सिंह ने बताया कि घटनास्थल या मृतका के पास से कोई सुसाइड नोट हाथ नहीं लगा है। पुलिस परिजनों, सहेलियों और स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है। थाना प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने और कॉल डिटेल्स खंगालने के बाद ही साफ हो पाएगा कि आखिर किस वजह से इस मासूम किशोरी को अपनी जीवनलीला समाप्त करनी पड़ी।

