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Yamunanagar Accident: यमुनानगर में बड़ा हादसा: पश्चिमी यमुना नहर में पलटी पोकलेन मशीन, कैबिन में फंसे पंजाब के ड्राइवर की मौत

GGaganpreet Kaur
यमुनानगर में बड़ा हादसा: पश्चिमी यमुना नहर में पलटी पोकलेन मशीन, कैबिन में फंसे पंजाब के ड्राइवर की मौत
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यमुनानगर। यमुनानगर के बाड़ी माजरा तीर्थनगर पुल के पास मंगलवार की सुबह एक खौफनाक हादसे की गवाह बनी। पश्चिमी यमुना नहर के सुंदरीकरण और लेवलिंग के काम में जुटी एक पोकलेन मशीन अचानक ताश के पत्तों की तरह नहर में समा गई। चश्मदीदों के मुताबिक, सुबह करीब साढ़े आठ बजे काम सामान्य रूप से चल रहा था। मशीन का ड्राइवर प्रीतम नहर के बिल्कुल मुहाने पर कटर से मिट्टी बराबर कर रहा था, तभी किनारे की सूखी रेत ने अचानक दबाव छोड़ दिया। पलक झपकते ही भारी-भरकम मशीन असंतुलित हुई और सीधे गहरे पानी में जा गिरी।

रेत और पानी के दलदल में फंसा कैबिन, भाई के सामने घटी घटना

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हादसा इतना अचानक और भयावह था कि पोकलेन का मुख्य कैबिन सीधे नहर के तल पर जमी रेत और पानी के भीतर उल्टा होकर धंस गया। किनारे पर ही मौजूद प्रीतम के भाई कुलदीप ने बताया कि वे दोनों भाई पिछले चार साल से यमुनानगर के इसी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे और पास के ही क्वार्टर में रहते थे। भाई को अपनी आंखों के सामने पानी में समाते देख कुलदीप ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के मजदूर और ग्रामीण मौके पर दौड़े। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर कैबिन को सीधा करने और प्रीतम को निकालने की कोशिश की, लेकिन टन वजनी मशीन टस से मस नहीं हुई।

गोताखोरों ने निकाला बाहर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

जगाधरी पुलिस को जैसे ही हादसे की इत्तिला मिली, जांच अधिकारी अनिल कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम और गोताखोरों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। पानी के तेज बहाव और नीचे जमा गाद के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी मुश्किलें आईं। करीब एक घंटे की जद्दोजहद के बाद पोकलेन के कैबिन को काटकर प्रीतम को अचेत अवस्था में बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत यमुनानगर के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने नब्ज टटोलते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पठानकोट के थारा झिकला गांव का रहने वाला 35 वर्षीय प्रीतम पिछले 20 सालों से पोकलेन चला रहा था। उसकी मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया है, वह अपने पीछे दो छोटी बेटियों और पत्नी को छोड़ गया है। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। शुरुआती जांच में डॉक्टरों का अनुमान है कि कैबिन में पानी भरने और ऑक्सीजन खत्म होने से दम घुटने के कारण प्रीतम की जान गई है, हालांकि असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी।

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