नई दिल्ली: दिल्ली में आज यानी शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन से के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके राजधानी पहुंच गए। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने समर्थकों से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से जुटने और आंदोलन को पूरी तरह संवैधानिक दायरे में रखने का आग्रह किया। इस बीच शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किए जा रहे इस प्रदर्शन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला है।
दिल्ली पहुंचने के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा कर समर्थकों से मुलाकात को लेकर उत्साह जताया। उन्होंने लोगों से राष्ट्रीय ध्वज और एक पुस्तक साथ लाने का आग्रह किया। दीपके ने प्रदर्शनकारियों से पुलिसकर्मियों को सम्मान और सद्भावना के प्रतीक के रूप में फूल भेंट करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना है।
किन मुद्दों को लेकर हो रहा प्रदर्शन
सीजेपी की ओर से आयोजित यह प्रदर्शन राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) से जुड़े कथित मामलों में जवाबदेही की मांग को लेकर किया जा रहा है। समूह लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का मुद्दा उठा रहा है। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आए इस अभियान को युवाओं का व्यापक ऑनलाइन समर्थन मिला है।
अभिजीत दीपके इस आंदोलन में भाग लेने के लिए अमेरिका से भारत लौटे हैं। उन्होंने पहले भी कहा था कि यह आंदोलन संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों के दायरे में रहकर चलाया जाएगा। जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कार्यक्रम को सीजेपी का पहला बड़ा जमीनी प्रदर्शन माना जा रहा है। इससे पहले संगठन मुख्य रूप से सोशल मीडिया आधारित अभियान के रूप में सक्रिय रहा है।
सोनम वांगचुक ने जताया समर्थन
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले युवाओं से शांति बनाए रखने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने प्रतिभागियों को केवल जरूरी सामान साथ रखने की सलाह दी है। वांगचुक ने यह भी कहा कि यदि प्रदर्शन से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया जाता है तो वह छह सप्ताह का अनशन करेंगे। उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, सीमा प्रवेश बिंदुओं और अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति के लिए कोई औपचारिक आवेदन प्राप्त नहीं हुआ था, लेकिन सोशल मीडिया गतिविधियों और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
1,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नई दिल्ली क्षेत्र और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रदर्शन से पहले सीजेपी ने प्रतिभागियों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए थे। इनमें अहिंसक आचरण बनाए रखने, किसी भी प्रकार के उकसावे से बचने और पुलिस के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की सलाह दी गई है।
