Amritsar Anti National Slogans : अमृतसर में खालिस्तानी समर्थक नारे लिखने पर 2 अरेस्ट
अमृतसर में खालिस्तानी समर्थक नारे लिखने पर 2 अरेस्ट
Amritsar Anti National Slogans : पंजाब के सीमावर्ती जिले अमृतसर में शांति व सौहार्द को भंग करने की एक नाकाम कोशिश सामने आई है। शहर की दीवारों पर देश विरोधी व आपत्तिजनक नारे लिखे जाने के तुरंत बाद हरकत में आई अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नाकेबंदी और तकनीकी जांच के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान 26 वर्षीय मंगल सिंह और 23 वर्षीय अर्शदीप सिंह के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपी अमृतसर के ही रहने वाले हैं और साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं।
आरोपियों का प्रोफाइल और वारदात का तरीका
जांच में सामने आया है कि आरोपी मंगल सिंह पुत्र वारियाम सिंह कॉलोनी (बाहर खजाना गेट) का निवासी है। वह पेशे से ऑटो चालक है और 11वीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है। वहीं दूसरा आरोपी अर्शदीप सिंह वारियाम सिंह कॉलोनी (झब्बाल रोड) का रहने वाला है, जो मजदूरी का काम करता है और उसने 8वीं तक पढ़ाई की है।
शुरुआती पुलिस पड़ताल में यह तथ्य उभरकर सामने आया है कि कम पढ़े-लिखे इन युवकों को पैसों के लालच में इस काम के लिए इस्तेमाल किया गया हो सकता है। पुलिस इस बात की गहनता से कड़ियां जोड़ रही है कि नारे लिखने की इस गतिविधि के लिए इन्हें किसने तैयार किया और सामग्री किसने मुहैया कराई।
विदेशी हैंडलर और पन्नू के वीडियो का एंगल
इस मामले में सबसे संवेदनशील मोड़ तब आया जब सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख और विदेश में बैठे भगोड़े गुरपतवंत सिंह पन्नू की ओर से सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया गया। इस वीडियो में अमृतसर की दीवारों पर लिखे गए नारों का जिक्र करते हुए माहौल गरमाने का प्रयास किया गया था।
पुलिस जांचकर्ताओं ने अर्शदीप सिंह के फोन व डिजिटल फुटप्रिंट्स की शुरुआती पड़ताल में पाया कि वह विदेश में मौजूद एक संदिग्ध संचालक के संपर्क में था। कमिश्नरेट पुलिस अब इस संपर्क के उद्देश्य, वित्तीय लेन-देन और पूरे नेटवर्क की बारीकी से जांच कर रही है।
आगे की कार्रवाई और पुलिस का सख्त रुख
अमृतसर पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि शहर में अमन-कानून की व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों से रिमांड के दौरान पूछताछ जारी है, ताकि नारे लिखने के पीछे के असली मास्टरमाइंड, विदेशी फंडिंग और शहर में सक्रिय संभावित सहयोगियों का पता लगाया जा सके।
सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है तथा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।
