अमृतसर ASI मर्डर केस में पुलिस का खुलासा: आरोपी दीपक ने नशे के लिए घर गिरवी रखा, फिर पाकिस्तान बैठे आतंकी के संपर्क में आया
एएसआई हरजीत सिंह हत्याकांड
Amritsar ASI Murder: अमृतसर में थाना गेट हकीमा में तैनात पंजाब पुलिस के एएसआई हरजीत सिंह की ड्यूटी के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वीरवार देर रात वह दाना मंडी के पास गश्त कर रहे थे, तभी बाइक पर आए दो हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं। इस मामले में पुलिस ने जांच तेज की और एक आरोपी दीपक सिंह तक पहुंची। शनिवार रात हुई पुलिस मुठभेड़ में दीपक सिंह मारा गया, जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया। पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल के अनुसार फरार आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसे पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
मल्लूचक्क निवासी दीपक सिंह के पिता बलविंदर सिंह ने उसके नशे की लत को लेकर कई बातें बताई हैं। उन्होंने कहा कि दीपक पहले काम करता था, लेकिन गलत संगत में पड़ने के बाद नशे का आदी हो गया। बलविंदर सिंह के मुताबिक बेटे की नशे की आदत के कारण परिवार पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता गया। हालात ऐसे बने कि परिवार को अपना घर साढ़े तीन लाख रुपये में गिरवी रखना पड़ा। पिता ने बताया कि इलाके के दुकानदारों और दूसरे लोगों को भी घर गिरवी रखने की जानकारी है।परिवार के मुताबिक दीपक पिछले साल 27 सितंबर को जेल गया था और करीब सात महीने बाद जमानत पर बाहर आया। जमानत मिलने के बाद भी उसकी नशे की आदत नहीं छूटी और इसी दौरान वह पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के संपर्क में आ गया।
पुलिस पर हमले के बदले पैसे और नशे की खेप का लालच
पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि दीपक सिंह पाकिस्तान में बैठे एक आतंकी के संपर्क में था। पुलिस के अनुसार दीपक और उसका साथी फोन के जरिए पाकिस्तान में बैठे आतंकी से लगातार संपर्क में थे। पुलिस का कहना है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी युवाओं को मोटी रकम देकर रातों-रात अमीर बनने का लालच दे रहे हैं। उन्हें पुलिस अधिकारियों पर हमला करने और वारदात का वीडियो बनाने के लिए तैयार किया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर के अनुसार ऐसे युवाओं को हथियार और हेरोइन की खेप भेजने का लालच दिया जाता है। इसके बाद नशे और हथियारों की सप्लाई से लाखों रुपये हवाला के जरिए मिलने की बात सामने आई है।
एकांत में आने-जाने वाले पुलिसकर्मी निशाने पर
हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि आतंकियों का लक्ष्य पुलिसकर्मी हैं। पुलिस के अनुसार वे ऐसे पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाते हैं, जो ड्यूटी के दौरान एकांत जगहों से अकेले आते-जाते हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि दीपक सिंह अमृतसर जिले में और वारदात करने की तैयारी में था। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिसकी जांच से पुलिस को कई अहम जानकारियां मिलने की बात कही गई है।
मुठभेड़ के दौरान दीपक सिंह का साथी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी पहचान कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने यह भी कहा है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी अलग-अलग युवाओं को विभिन्न स्थानों पर वारदात के लिए तैयार कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक एएसआई हरजीत सिंह हत्याकांड का पहले हुई दो अन्य वारदातों से कोई संबंध नहीं है।
