Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

राजस्थान रोडवेज में एक और बड़े पैमाने पर 'धोखाधड़ी' का पर्दाफाश; सात और गिरफ्तार

VVinita Kohli
राजस्थान रोडवेज में एक और बड़े पैमाने पर 'धोखाधड़ी' का पर्दाफाश; सात और गिरफ्तार
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

कोटा: राजस्थान रोडवेज में एक बार फिर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। झालावाड़ पुलिस ने ‘ऑपरेशन क्लीन राइड’ के दायरे का विस्तार करते हुए राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम (RSRTC) में चल रहे एक संगठित घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने सात और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

विज्ञापन

मुफ्त परीक्षा यात्रा योजना में हेराफेरी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घोटाला सरकार की निःशुल्क परीक्षा यात्रा योजना से जुड़ा है, जिसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को राहत देना है। इस योजना के तहत उम्मीदवारों को परीक्षा से दो दिन पहले से लेकर परीक्षा के दो दिन बाद तक, प्रवेश पत्र दिखाने पर साधारण एक्सप्रेस बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाती है।

कैसे किया जा रहा था घोटाला

जांच में सामने आया है कि कुछ अनुबंधित बस चालक और परिचालक इस योजना का दुरुपयोग कर रहे थे। वे अपने राजस्व लक्ष्य का 50 से 75 प्रतिशत हिस्सा मुफ्त यात्रा टिकटों के रूप में गलत तरीके से दर्ज कर देते थे। जबकि हकीकत में यात्रियों से पूरा किराया वसूला जाता था और वह राशि सीधे उनकी जेब में चली जाती थी।

आरएसआरटीसी को भारी राजस्व नुकसान

पुलिस के मुताबिक, इस हेराफेरी के कारण राजस्थान रोडवेज को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा था। वास्तविक राजस्व का केवल 25 से 50 प्रतिशत हिस्सा ही आरएसआरटीसी में जमा किया जा रहा था, जबकि शेष रकम भ्रष्टाचार के जरिए निजी तौर पर हड़प ली जाती थी।

विभिन्न जिलों से हुईं गिरफ्तारियां

रविवार को कोटा, अजमेर, बांसवाड़ा, जयपुर और झालावाड़ समेत कई जिलों में छापेमारी कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान दिनेश कुमार (44), राध्याश्याम (43), नरेंद्र टाक (56), शाहनवाज (33), उमेश पुरोहित (52), गिरीश जोशी (51) और अंकित गुर्जर (27) के रूप में हुई है।

पहले वसूली, अब योजना घोटाले का खुलासा

झालावाड़ के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि इस अभियान के शुरुआती चरण में रोडवेज कर्मचारियों से जबरन वसूली से जुड़े मामले सामने आए थे। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर यह स्पष्ट हुआ कि मामला उससे कहीं बड़ा है और इसमें सरकारी योजना के दुरुपयोग की सुनियोजित साजिश शामिल है।

रोडवेज स्टाफ की भूमिका जांच के घेरे में

झालावाड़ के डीएसपी हर्षराज सिंह ने कहा कि इस मामले में केवल अनुबंधित कर्मचारी ही नहीं, बल्कि स्थायी परिचालकों समेत अन्य रोडवेज स्टाफ की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता पर सवाल

इस घोटाले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जरूरतमंदों और छात्रों के लिए बनाई गई सरकारी योजनाओं का किस तरह से दुरुपयोग किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि ‘ऑपरेशन क्लीन राइड’ का उद्देश्य रोडवेज व्यवस्था को पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाना है।

विज्ञापन

राजस्थान की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।