Barmer road accident: राजस्थान के बाड़मेर में नेशनल हाईवे-68 पर हुए सड़क हादसे में दो युवकों की जान चली गई। दोनों स्विफ्ट कार में सवार होकर जा रहे थे। नवले की चक्की के पास एक पेट्रोल पंप के सामने हाईवे पर गाय का शव पड़ा था। कार उससे टकराई तो चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। इसके बाद कार डिवाइडर की रेलिंग तोड़ते हुए दूसरी तरफ पहुंच गई और सामने से आ रहे डंपर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया। कार में बैठे दोनों युवक अंदर फंस गए और खुद बाहर नहीं निकल सके। दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने मौके पर पहुंचकर मदद की। लोगों ने कार का गेट और लोहे की चादर हटाकर दोनों युवकों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए बाड़मेर के अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जानकारी जुटाई। दुर्घटना रीको थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कार किन परिस्थितियों में गाय के शव से टकराई और इसके बाद चालक वाहन पर नियंत्रण क्यों नहीं रख सका। रीको थानाधिकारी पदमाराम के मुताबिक, हाईवे पर गाय का शव करीब एक घंटे से पड़ा हुआ था। शुरुआती आशंका है कि अंधेरे में कार चालक को सड़क पर पड़ा शव नजर नहीं आया और कार उससे टकराने के बाद बेकाबू हो गई। इसके बाद डिवाइडर पार कर दूसरी दिशा से आ रहे डंपर से टक्कर हो गई। हालांकि, हादसे की परिस्थितियों को लेकर पुलिस की जांच के बाद ही पूरी जानकारी सामने आएगी।
मृतकों की पहचान महेंद्र और सुजानाराम के रूप में हुई
पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान महेंद्र (27), पुत्र राणाराम, और सुजानाराम (35), पुत्र धर्माराम, के रूप में हुई है। दोनों देवा गांव, मोहनगढ़, जिला जैसलमेर के निवासी थे। पुलिस ने बताया कि दोनों बाड़मेर की खुली जेल में हत्या के मामले में सजा काट रहे थे। हादसे की जानकारी सामने आने के बाद दोनों की पहचान की गई। पुलिस के मुताबिक, दोनों कार से यात्रा कर रहे थे, तभी हाईवे पर यह दुर्घटना हुई। गाय के शव से टकराने के बाद कार के बेकाबू होने और डंपर से भिड़ने के कारण दोनों को गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने उन्हें कार से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। इस हादसे में दो लोगों की मौत के साथ हाईवे पर सड़क सुरक्षा और आवारा पशुओं के कारण पैदा होने वाले खतरे का मुद्दा भी सामने आया है। रात के समय सड़क पर पड़े किसी पशु का शव वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है, खासकर तब जब चालक को समय रहते उसके बारे में जानकारी न मिले। हालांकि, इस मामले में हादसे की सटीक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
शाम 7 बजे खुली जेल लौटना था, रोलकॉल से पहले हुआ हादसा
रीको थानाधिकारी पदमाराम ने बताया कि महेंद्र और सुजानाराम बाड़मेर की खुली जेल में सजा काट रहे थे। नियमों के अनुसार, दोनों को शाम करीब 7 बजे तक वापस जेल पहुंचना था और रोलकॉल में शामिल होना था। लेकिन निर्धारित समय पर लौटने से पहले ही हाईवे पर हादसा हो गया। खुली जेल में सजा काट रहे दोनों युवकों की मौत की खबर से मामले ने अलग पहलू ले लिया है। दोनों हत्या के मामले में सजा काट रहे थे और जेल के नियमों के मुताबिक उन्हें शाम को वापस पहुंचना था। हादसे के कारण दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई शुरू की है। जांच में दुर्घटना के कारणों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को देखा जाएगा। फिलहाल पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हाईवे पर पड़ा गाय का शव कार के बेकाबू होने की वजह बना। इसके बाद कार डिवाइडर की रेलिंग तोड़कर सामने से आ रहे डंपर से टकरा गई। अजमेर में स्लीपर बस ने मां-बेटी समेत 3 को कुचला, मौके पर मौत; बाइक 20 फीट तक घसीटी

