चंडीगढ़ कोर्ट में भुल्लर रिश्वत केस की सुनवाई, एयरटेल ने सौंपे दस्तावेज; थाने की CCTV फुटेज नहीं मिली
हरचरण सिंह भुल्लर रिश्वत केस
Bhullar bribery case: पंजाब पुलिस के निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े रिश्वत मामले में चंडीगढ़ की अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान एयरटेल के नोडल अफसर ने अदालत के समक्ष रिकॉर्ड की प्रतियां पेश कीं। मामले में पिछली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाह और कारोबारी आकाश बत्ता की आंशिक गवाही दर्ज की गई थी। गवाही के दौरान आकाश बत्ता ने अपने बेटे के जन्मदिन की तैयारियों में शामिल होने के लिए गांव लौटने की अनुमति मांगी थी। अदालत ने उनका अनुरोध स्वीकार करते हुए अगली गवाही के लिए 1 अक्टूबर और 5 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है।
हरचरण सिंह भुल्लर और कृषानु शारदा से जुड़े मामले में मंडी गोबिंदगढ़, जिला फतेहगढ़ साहिब के तत्कालीन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप सिंह अदालत में पेश हुए। उन्होंने सीलबंद लिफाफे में फतेहगढ़ साहिब के SSP कार्यालय का पत्र कोर्ट को सौंपा। पत्र में 7 और 8 नवंबर 2025 की मांगी गई CCTV फुटेज उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई। पत्र के मुताबिक, थाने के DVR में केवल 10 से 15 दिनों तक की फुटेज का बैकअप रहता है। अदालत के 6 फरवरी 2026 के आदेश तक संबंधित डेटा ओवरराइट हो चुका था। इस वजह से मांगी गई तारीखों की फुटेज उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।
कृषानु शारदा की 1 अक्टूबर को होगी व्यक्तिगत पेशी
सुनवाई के दौरान लंच ब्रेक में अदालत ने हरचरण सिंह भुल्लर को अपने वकीलों से बातचीत करने की अनुमति दी। अदालत ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी बढ़ा दी है। ईडी रिमांड समाप्त होने के बाद आरोपी कृषानु शारदा को 1 अक्टूबर 2026 को मॉडल जेल चंडीगढ़ से अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश किया जाएगा। इसके लिए कोर्ट ने प्रोडक्शन वारंट जारी किया है। मामले में अगली तारीखों पर गवाहों की गवाही और अन्य कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ेगी।
CBI ने हरचरण सिंह भुल्लर को 16 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने चंडीगढ़ के सेक्टर-40 स्थित उनके घर पर तलाशी ली थी। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, सोना और अन्य कीमती सामान बरामद होने की जानकारी सामने आई थी। इस मामले से अलग, CBI ने भुल्लर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच भी शुरू की थी। दोनों मामलों की जांच और उनसे जुड़ी कानूनी कार्यवाही अलग-अलग चल रही है।
आरोपमुक्त करने की अर्जी अदालत पहले ही खारिज कर चुकी
इस मामले में हरचरण सिंह भुल्लर और कृषानु शारदा की ओर से CBI अदालत में आरोपमुक्त किए जाने की अर्जी दाखिल की गई थी। दोनों आरोपियों ने CBI की कार्रवाई और उसके अधिकार क्षेत्र को लेकर सवाल उठाए थे। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद डिस्चार्ज एप्लीकेशन खारिज कर दी थी। इसके बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ रही है। अदालत में आरोपों से संबंधित गवाहों और दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया जारी है।
CBI के मामले के अनुसार, कारोबारी आकाश बत्ता ने शिकायत में आरोप लगाया था कि उनसे रिश्वत की रकम बिचौलिए के जरिए मांगी गई थी। इस मामले में कृषानु शारदा को कथित बिचौलिए के तौर पर नामजद किया गया है। मीडिया रिपोर्टों में भी शारदा के जरिए भुल्लर की ओर से रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया था। मामले में अदालत की सुनवाई जारी है और आरोपों पर अंतिम फैसला आना बाकी है। अदालत में पेश किए जा रहे दस्तावेजों और गवाहों की गवाही के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी।
