Chandigarh CBI Court DIG Bhullar : पंजाब पुलिस के निलंबित पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को चंडीगढ़ जिला अदालत में पेश करने लाया गया एएसआई खुद भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरा निकला। सीबीआई के रिश्वत केस में नामजद एएसआई शेर सिंह जब भुल्लर को लेकर बक्शीखाने पहुंचा, तो सीबीआई की लीगल टीम ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया। इसके बाद विशेष सीबीआई जज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से विस्तृत रिपोर्ट मांग ली है।
बक्शीखाने की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जो पुलिसकर्मी खुद रिश्वतखोरी के मुकदमे में अदालत के चक्कर काट रहा है, उसे इतने हाई-प्रोफाइल आरोपी की कस्टडी कैसे सौंप दी गई। इस पर चंडीगढ़ पुलिस लाइन की डीएसपी पूनम दिलावरी ने बताया कि पुलिस लाइन से केवल रूटीन में जवानों को अदालती ड्यूटी के लिए भेजा जाता है। किस कैदी के साथ किस पुलिसकर्मी को भेजना है, इसका अंतिम फैसला अदालत परिसर में बने बक्शीखाने में ही तय किया जाता है।
खुद रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था एएसआई शेर सिंह
अदालती रिकॉर्ड के अनुसार सेक्टर-43 पुलिस चौकी में तैनात रहे एएसआई शेर सिंह को सीबीआई ने 11 मार्च 2025 को 54,400 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोप था कि उसने भगोड़ा घोषित एक आरोपी को गिरफ्तारी से बचाने के लिए डेढ़ लाख रुपये की मांग की थी। इस मामले में एएसआई के खिलाफ पहले से ही सीबीआई अदालत में आपराधिक मुकदमा विचाराधीन है।
भुल्लर मामले में शिकायतकर्ता की गवाही पूरी
उधर, पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ चल रहे रिश्वत के मुख्य मामले में गुरुवार को शिकायतकर्ता आकाश बत्ता की बयान प्रक्रिया पूरी हो गई। पिछली सुनवाई में आकाश ने कोर्ट के सामने निलंबित डीआईजी भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा की स्पष्ट पहचान की थी। अब आने वाली सुनवाइयों में बचाव पक्ष के वकील शिकायतकर्ता से जिरह (क्रॉस एग्जामिनेशन) करेंगे।
भुल्लर के घर से मिला था 7.5 करोड़ कैश और ढाई किलो सोना
गौरतलब है कि सीबीआई ने पिछले साल तत्कालीन डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वतखोरी के आरोप में रंगे हाथों दबोचा था। इसके बाद उनके सेक्टर-40 स्थित सरकारी आवास पर की गई छापेमारी में 7.5 करोड़ रुपये नकद, ढाई किलो सोना और कई कीमती घड़ियां बरामद हुई थीं। इस समय भुल्लर के खिलाफ सीबीआई के अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच कर रहा है।

