चंडीगढ़: शहर में सेल्फ एन्यूमरेशन अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने विभिन्न प्रमुख सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों की सुविधा हेतु विशेष गतिविधियों और शिविरों का आयोजन किया। इन प्रयासों का उद्देश्य प्रक्रिया को सरल, सुलभ और व्यापक बनाना है, ताकि अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। यूटी सचिवालय के मुख्य सचिवालय परिसर में कर्मचारियों के लिए स्व-गणना अभ्यास आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लेते हुए अपनी जानकारी समयबद्ध और सटीक रूप से दर्ज कराई। इसी क्रम में गवर्नमेंट म्यूज़ियम एवं आर्ट गैलरी में भी कर्मचारियों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया गया, ताकि वे आसानी से स्व-गणना प्रक्रिया पूरी कर सकें।
इसके अलावा जीएमसीएच, सेक्टर-32 और जीएमएसएच, सेक्टर-16 में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए विशेष स्व-गणना शिविर लगाए गए। इन शिविरों में कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मौके पर ही सहायता उपलब्ध कराकर अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की गई। प्रशासन का कहना है कि यह पहल स्व-गणना प्रक्रिया को सफलतापूर्वक लागू करने और सभी विभागों में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यूटी प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित पक्षों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
वहीं, नगर निगम के फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज के सभी सात फायर स्टेशनों में मंगलवार को सेल्फ एन्यूमरेशन अभियान के तहत व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह अभियान जॉइंट कमिश्नर-कम-चीफ फायर ऑफिसर डॉ. इंदरजीत के मार्गदर्शन में चलाया गया। अभियान का उद्देश्य फायर सर्विस कर्मियों को जनगणना से जुड़े स्व-गणना अभियान के महत्व और प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान फायर अधिकारियों ने अग्निशमन कर्मियों के साथ संवाद कर उन्हें स्व-गणना प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने कर्मियों को डिजिटल माध्यम से जनगणना पूरी करने के तरीके भी समझाए, ताकि प्रक्रिया आसान, सुलभ और सटीक बन सके।
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में फायर सर्विस कर्मियों ने मौके पर ही अपनी स्व-गणना पूरी कर सक्रिय भागीदारी का उदाहरण पेश किया। नगर निगम ने कहा कि इस तरह के प्रयासों से न केवल कर्मचारियों में जागरूकता बढ़ती है, बल्कि आम जनता को भी स्व-गणना अभियान में भाग लेने के लिए प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चीफ फायर ऑफिसर ने कहा कि फायर स्टेशन केवल आपातकालीन सेवाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सामुदायिक जुड़ाव और जनसंपर्क के प्रभावी केंद्र भी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मंचों के माध्यम से लोगों तक जागरूकता पहुंचाना और उन्हें सरकारी अभियानों से जोड़ना आसान होता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज सुशासन, बेहतर योजना निर्माण और सतत विकास से जुड़े राष्ट्रीय अभियानों को समर्थन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

