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‘चिरंजीवी योजना’ में बदलाव से गरीब मरीज भटकने को मजबूर: अशोक गहलोत

VVinita Kohli
‘चिरंजीवी योजना’ में बदलाव से गरीब मरीज भटकने को मजबूर: अशोक गहलोत
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जयपुर: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि उनके कार्यकाल की ‘चिरंजीवी योजना’ में किए गए बदलाव के कारण बजट की कमी और कुप्रबंधन पैदा हो गया है, जिससे गरीब मरीज दर-दर भटकने को मजबूर हैं। गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार को चिकित्सा सुविधाओं के प्रति गंभीरता दिखाते हुए नयी बीमा योजना में अविलंब सुधार करना चाहिए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।

गहलोत ने जोधपुर में आयुष्मान आरोग्य योजना के कारण अस्पतालों में मरीजों को हो रही परेशानी संबंधी एक समाचार का उल्लेख करते हुए कहा, “जोधपुर के अस्पतालों की यह स्थिति चिंताजनक है। हमारी सरकार की ‘चिरंजीवी योजना’ का उद्देश्य हर राजस्थानी को इलाज की निश्चिंतता देना था, लेकिन इस योजना में किए गए बदलाव के कारण बजट की कमी और कुप्रबंधन से गरीब मरीज दर-दर भटकने को मजबूर हैं।”

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री जी विधानसभा में जोधपुर के अस्पतालों की बिगड़ती स्थिति के बारे में मेरे द्वारा लिखे गए पत्र का जिक्र राजनीति के लिए करते हैं, लेकिन समस्याओं के समाधान में उनकी रुचि नहीं दिखाई देती। उनकी सरकार न तो जोधपुर के नए अस्पतालों—दिगाड़ी, प्रतापनगर, चैनपुरा और मगरा पूंजला का निर्माण पूरा होने के बावजूद उन्हें शुरू करवा पा रही है और न ही पुराने अस्पतालों का रखरखाव और संचालन ठीक से कर पा रही है।” गहलोत ने राज्य सरकार से इस मामले में गंभीरता दिखाने की मांग करते हुए कहा कि नयी बीमा योजना में जल्द सुधार किए जाएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

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