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चारधाम यात्रा 2026: उत्तराखंड में बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से शुरू

VVinita Kohli
चारधाम यात्रा 2026: उत्तराखंड में बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से शुरू
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देहरादून: उत्तराखंड के उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित विश्वप्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट छह माह बंद रहने के बाद बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए और पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से संपन्न हुई। पूर्व निर्धारित मुहूर्त के अनुसार, सुबह सवा छह बजे चमोली जिले में स्थित इस मंदिर के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ खोले गए और इस दौरान देश-विदेश से आए करीब 15 हजार श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे। इस मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी उपस्थित रहे।

मंदिर के कपाट खुलने के दौरान पूरा वातावरण ढोल-नगाड़ों और सेना के बैंड की मधुर धुनों के साथ हजारों श्रद्धालुओं के ‘जय बदरी विशाल’ के जयकारों से भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में माणा और बामणी गांव की महिलाओं ने झुमैलो नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन गाए। मंदिर को रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिससे नर और नारायण पर्वत के बीच स्थित इसकी सुंदरता और निखर उठी।

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मान्यता है कि वर्ष में छह महीने (ग्रीष्मकाल में) श्रद्धालु यहां भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, जबकि शेष छह महीने (शीतकाल में) देवता स्वयं उनकी आराधना करते हैं, जिसमें मुख्य पुजारी देवर्षि नारद होते हैं। मुख्यमंत्री धामी ने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हुए महाभिषेक पूजा संपन्न कराई। उन्होंने धाम पहुंचे तीर्थयात्रियों का स्वागत किया और व्यवस्थाओं के संबंध में उनकी राय भी जानी। 

धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। साथ ही श्रद्धालुओं से ‘हरित और स्वच्छ’ तीर्थयात्रा में सहयोग करने का आग्रह किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने धाम में संचालित भंडारे का उद्घाटन किया और श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद ग्रहण किया। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से शुरू हो गई है। उत्तराखंड के अन्य धाम गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के कपाट पहले ही खोले जा चुके हैं।

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