Diljit Dosanjh Delhi Concert: पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ने शुक्रवार रात दिल्ली में अपने कॉन्सर्ट के दौरान बिना किसी का नाम लिए CJP से जुड़े विवाद पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी फिल्म ‘सतलुज’ का मजाक उड़ाया गया, जबकि इस फिल्म के लिए लंबी लड़ाई लड़ी गई है। दिलजीत ने कहा कि पंजाबियों को यह मत सिखाओ कि लड़ाइयां कैसे लड़ी जाती हैं। दिलजीत ने कहा कि कोई उनसे नफरत करता है तो करता रहे, लेकिन वह सभी से प्यार करते हैं। उन्होंने मंच से कहा, “मैं आप सभी से प्यार करता हूं ब्रो, क्योंकि मैं एक कलाकार हूं। मैं शांत हूं, इसलिए मुझे शांत ही रहने दो। मैं आप सभी का समर्थन करता हूं, लेकिन पंजाबियों को यह मत सिखाओ कि लड़ाई कैसे लड़ी जाती है।”
दिलजीत दोसांझ ने कहा कि जिस फिल्म का कुछ लोगों ने स्टेज पर खड़े होकर मजाक उड़ाया, वह जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन से जुड़ी फिल्म है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के लिए लंबी लड़ाई लड़ी गई है और इसे लेकर की गई टिप्पणियों पर उन्होंने अपनी बात रखना जरूरी समझा।
उन्होंने कहा कि ‘सतलुज’ पर रोक लगाने से कुछ नहीं होने वाला। दिलजीत ने यह भी कहा कि अगर कोई उनसे नफरत करता है तो उसे करने दें, लेकिन वह सभी के लिए प्यार की बात करते हैं। यह टिप्पणी दिल्ली में CJP के मंच से फिल्म ‘सतलुज’ का मजाक उड़ाए जाने और उससे पहले जून 2026 में दिलजीत के एक बयान को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद आई है।
दिल्ली में हाउसफुल शो के साथ AURA इंडिया टूर 2026 का आगाज
दिलजीत दोसांझ ने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हाउसफुल शो के साथ अपने AURA इंडिया टूर 2026 की शुरुआत की। शो खत्म होने के बाद उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो भी साझा किया। वीडियो में दिलजीत ने कहा कि कुछ लोगों ने कोशिश की कि उनका दिल्ली का शो न हो पाए। उन्होंने कहा, “लो, मैंने आज शो कर दिया न।” कॉन्सर्ट को लेकर पहले अनुमति का मुद्दा भी सामने आया था। 22 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस, साउथ डिस्ट्रिक्ट कार्यालय ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कॉन्सर्ट की अर्जी खारिज कर दी थी।
पुलिस ने उस समय कहा था कि खुफिया एजेंसियों से मिले विशिष्ट सुरक्षा इनपुट और त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था की व्यस्तता के कारण इतने बड़े आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती। बाद में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और आयोजकों के बीच कई दौर की बैठकों के बाद कॉन्सर्ट को मंजूरी दी गई। आयोजकों ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर पुलिस के सामने विस्तृत एक्शन प्लान पेश किया था। इसके बाद दिलजीत ने आधिकारिक सोशल मीडिया के जरिए बताया कि दिल्ली कॉन्सर्ट तय तारीख पर ही होगा।
मिलिट्री फोर्सेज की महिला को स्टेज पर बुलाकर किया सैल्यूट
दिल्ली कॉन्सर्ट के दौरान दिलजीत ने मिलिट्री फोर्सेज की एक महिला को स्टेज पर बुलाया और उन्हें सैल्यूट किया। उन्होंने कहा कि अगर देश की सुरक्षा में तैनात लोग न हों तो आम लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर सकते। दिलजीत ने महिला से कहा कि उनका बहुत बड़ा योगदान है और उन्हें जोरदार सैल्यूट। इस दौरान उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें उस महिला में अपनी मां की झलक दिखाई दी।
सिंगर ने कहा कि वह साल में मुश्किल से एक-दो बार ही अपनी मां से मिल पाते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी मां का फोन आया था और उन्होंने उनसे अपना ध्यान रखने को कहा था, क्योंकि उनके बारे में काफी बातें हो रही हैं। दिलजीत ने कहा कि उन्होंने अपनी मां से कहा कि चिंता न करें। कॉन्सर्ट के दौरान मिलिट्री फोर्सेज की महिला को देखकर उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे उनकी मां उनके साथ खड़ी हों।
जून में ‘मुझे इन सब से दूर रखो’ बयान से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत जून 2026 में हुई थी, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ CJP का विरोध प्रदर्शन चल रहा था। इस दौरान एक फैन ने दिलजीत दोसांझ से इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया मांगी थी। दिलजीत ने तब कहा था, “मुझे इन सब से दूर रखो, मैं एक कलाकार हूं, राजनेता नहीं।” इस बयान के बाद CJP से जुड़े लोगों ने उनकी आलोचना की थी।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बाद में दिलजीत के नाम संदेश लिखते हुए कहा कि जून में विरोध प्रदर्शन के दौरान सिंगर की टिप्पणी से उन्हें दुख हुआ था। उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत शिकायत नहीं थी, बल्कि वह दिलजीत को हमेशा गलत के खिलाफ आवाज उठाने वाले व्यक्ति के रूप में देखते रहे हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि दिलजीत उन्हें छोटे भाई की तरह समझें और इस विवाद को यहीं छोड़ दें। अभिजीत दीपके ने यह भी लिखा कि वह दिलजीत से व्यक्तिगत तौर पर कोई नाराजगी नहीं रखते।
दिलजीत के जून वाले बयान के बाद CJP नेता अभिजीत दीपके ने उनकी फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर मंच से टिप्पणी की थी। उन्होंने दिलजीत पर पाखंड का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया था कि राजनीतिक और गंभीर मुद्दों पर फिल्में करने के बावजूद वह छात्रों के आंदोलन पर चुप क्यों रहते हैं। उन्होंने मंच से तंज कसते हुए यह भी कहा था कि अगर कलाकार आंदोलनों में शामिल नहीं होंगे तो उनकी फिल्में बैन कर दी जाएंगी। इसी टिप्पणी का जवाब दिलजीत ने शुक्रवार रात दिल्ली कॉन्सर्ट के दौरान दिया।
जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी है ‘सतलुज’
फिल्म ‘सतलुज’ मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित बायोपिक है। खालड़ा ने 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में फेक एनकाउंटर और गुमशुदा बताए गए युवाओं के शवों के संस्कार से जुड़े मामलों को उजागर किया था। फिल्म लंबे समय तक सेंसर बोर्ड की अड़चनों में फंसी रही। स्रोत के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को रिलीज होने के महज दो दिन के भीतर इसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया था। इस फिल्म और उससे जुड़े मुद्दों को लेकर पंजाब में लंबे समय से चर्चा होती रही है। यही वजह है कि दिलजीत ने कॉन्सर्ट के मंच से फिल्म का मजाक उड़ाए जाने को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट से पहले चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ. पंडितराव धरेनावर ने 14 अक्टूबर को बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) में शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दिलजीत के कुछ गानों में शराब, ड्रग्स और हथियारों का महिमामंडन किया गया है। उन्होंने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार पर इसके नकारात्मक असर की आशंका जताई थी। इसके बाद 27 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर ‘पटियाला पैग’, ‘5 तारा ठेके’ और ‘जेब विचों फीम लब्बीया’ गानों पर रोक लगाने की मांग की गई थी। दिलजीत के दिल्ली कॉन्सर्ट में दिए गए बयान के बाद यह पूरा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सिंगर ने अपनी बात रखते हुए साफ किया कि वह कलाकार के तौर पर सभी के लिए प्यार और समर्थन की बात करते हैं, लेकिन पंजाबियों को उनकी लड़ाई और संघर्ष का तरीका सिखाने की जरूरत नहीं है।
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