Breaking News
एशियाड पैरा बैडमिंटन: नितेश और नवीन को स्वर्ण, प्रमोद, तुलसीमति, नित्या को रजतचंडीगढ़ में धमकी भरे ईमेल से हड़कंप; स्कूलों से मेयर कार्यालय तक निशाने पर, सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू की जांचभगवंत मान बोले- दिल्ली एयरपोर्ट पर 2 घंटे बैठाए रखा, कस्टम हेड पर बदला लेने का आरोपदेहरादून में CM धामी ने नशामुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी, युवाओं से की ये अपीलतिब्बत में भूकंप से मची तबाही: 16 लोगों की मौत; 54 घायल, जमीन से 10 किमी नीचे था केंद्रएशियाड पैरा बैडमिंटन: नितेश और नवीन को स्वर्ण, प्रमोद, तुलसीमति, नित्या को रजतचंडीगढ़ में धमकी भरे ईमेल से हड़कंप; स्कूलों से मेयर कार्यालय तक निशाने पर, सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू की जांचभगवंत मान बोले- दिल्ली एयरपोर्ट पर 2 घंटे बैठाए रखा, कस्टम हेड पर बदला लेने का आरोपदेहरादून में CM धामी ने नशामुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी, युवाओं से की ये अपीलतिब्बत में भूकंप से मची तबाही: 16 लोगों की मौत; 54 घायल, जमीन से 10 किमी नीचे था केंद्र

Hal Chhath 2026: हल षष्ठी पर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को भेजें ये दिल छू लेने वाली शायरी

Hal Chhath 2026: हल षष्ठी पर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को भेजें ये दिल छू लेने वाली शायरी

हल षष्ठी पर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को भेजें शायरी

AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION
GGaganpreet Kaur

Hal Chhath 2026: भारतीय लोक-संस्कृति और सनातन परंपरा में भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि का विशेष महत्व माना गया है। देश के कई हिस्सों में इसे हरषष्ठी, ललही छठ, चंदन छठ या बलराम जयंती के नाम से भी जाना जाता है। आज 2 सितंबर 2026 को यह पर्व पूरी आस्था और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन माताएं पूरे दिन निर्जल रहकर अपनी संतानों की सुखी जिंदगी, निरोगी काया और लंबी उम्र के लिए छठी माता व बलराम जी की पूजा-अर्चना करती हैं।

पंचांग गणना के अनुसार, अलग-अलग स्थानों पर तिथियों के मान में थोड़ा अंतर जरूर देखने को मिलता है, लेकिन प्रमुख विद्वानों और भारतीय पंचांगों के मुताबिक आज ही के दिन हल षष्ठी का पूजन-विधान सर्वमान्य है।

विज्ञापन

कृषि और ममता का अनोखा मेल है हल छठ

हल छठ का त्योहार सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं है, बल्कि यह हमारी कृषि संस्कृति और मां के निस्वार्थ प्रेम का एक अनूठा उदाहरण भी पेश करता है। भगवान बलराम का मुख्य शस्त्र ‘हल’ (हलधर) है, इसलिए इस दिन खेती-किसानी में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और हल की पूजा की जाती है।

इस व्रत का सबसे कड़ा नियम यह है कि आज के दिन उन अनाजों या शाक-सब्जियों का सेवन पूरी तरह वर्जित होता है जिन्हें उगाने में हल या जोताई का प्रयोग हुआ हो। महिलाएं तालाब में खुद से उपजे ‘तिन्नी के चावल’, पसही राइस और कर्माई का साग खाकर ही अपना उपवास खोलती हैं। इसके अलावा गाय के दूध या दही के बजाय केवल भैंस के दूध का ही इस्तेमाल किया जाता है।

अपनों के दिन को खास बनाएंगे ये 5 चुनिंदा संदेश

इस पावन अवसर पर अगर आप भी अपने घर की माताओं, बहनों, रिश्तेदारों या दोस्तों को बधाई देना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए खूबसूरत संदेशों के जरिए अपनी शुभकामनाएं भेज सकते हैं:

1. सुखी रहे परिवार
हल छठ का पावन पर्व खुशियां लाए,
हर आंगन में प्रेम की रोशनी सजाए।
संतान सदा स्वस्थ और खुशहाल रहे,
मां की हर दुआ अपना रंग दिखाए।
हल छठ की हार्दिक शुभकामनाएं!

2. बच्चों के नाम दुआ
हर बच्चे के चेहरे पर मुस्कान रहे,
जीवन में खुशियों की पहचान रहे।
हल छठ पर यही प्यारी-सी दुआ है,
हर घर में सुख-शांति का स्थान रहे।
हरछठ पर्व की बहुत-बहुत बधाई

3. मां की ममता के नाम
मां की ममता सबसे प्यारा संसार है,
उसकी दुआ में बच्चों का सुख-धार है।
हल छठ पर हर मनोकामना पूरी हो,
हर बच्चे पर खुशियों की बहार है।
जय हलषष्ठी मैया!

4. घर में खुशियां आएं
घर में प्रेम और हंसी बनी रहे
हर रिश्ते में मिठास घुली रहे।
हल छठ की यही शुभकामना है,
हर सुबह नई खुशी लेकर आए।
हल षष्ठी की ढेरों शुभकामनाएं!

5. संतान की तरक्की के लिए
हर कदम पर सफलता मिलती रहे,
मेहनत की हर कोशिश रंगती रहे।
संतान का जीवन सुंदर बना रहे,
मां की दुआ हमेशा साथ चलती रहे।
हरछठ महापर्व की अनंत बधाई!

ख़बर पसंद आई? शेयर करें
विज्ञापन

जीवन शैली की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।