Karwa Chauth shopping: सुहाग के सबसे बड़े पावन पर्व करवा चौथ को लेकर बाजारों का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। जैसे-जैसे यह व्रत नजदीक आ रहा है, बाजारों में महिलाओं की चहल-पहल और उत्साह अपने चरम पर पहुंच गया है। करवा चौथ के इस खास मौके पर सुहागिनों के सोलह श्रृंगार में चार चांद लगाने के लिए बाजारों में रंग-बिरंगी, चमकदार और अत्याधुनिक डिजाइनों वाली चूड़ियों व कंगनों की बहार आ गई है। हर साल की तरह इस बार भी बाजारों में पारंपरिक लाल-पीले रंगों के अलावा मॉर्डन शेड्स और एंटीक फिनिश वाले कंगन महिलाओं को अपनी ओर जमकर आकर्षित कर रहे हैं।
शहर के मुख्य बाजारों और तंग गलियों में सजी चूड़ियों की दुकानों पर सुबह से ही महिलाओं और युवतियों की भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है। दुकानदार भी ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए तरह-तरह की वैरायटी सजाए बैठे हैं। इस बार बाजार में राजस्थानी लाख की चूड़ियों पर बारीक कुंदन वर्क, मखमली टच वाले वेलवेट कंगन, और भारी-भरकम जरदोज़ी काम वाले कड़ों की मांग सबसे ज्यादा बनी हुई है। इसके अलावा, जो महिलाएं हल्के और आरामदायक विकल्प तलाश रही हैं, उनके लिए मैट फिनिश और स्टोन वाले डिजाइनर कंगन भी खास तौर पर उपलब्ध कराए गए हैं।
परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम
चूड़ी विक्रेताओं का कहना है कि आज की पीढ़ी और आधुनिक महिलाओं में पारंपरिक कांच की चूड़ियों के साथ-साथ डिजाइनर और ड्यूरेबल कंगन पहनने का चलन तेजी से बढ़ा है। महिलाएं अपनी साड़ी या लहंगे के कलर कॉम्बिनेशन के हिसाब से मैचिंग कंगन और चूड़ियों के सेट कस्टमाइज करवा रही हैं। दुकानदार ग्राहकों की मांग को देखते हुए मुंबई, जयपुर और फिरोजाबाद से विशेष तौर पर लेटेस्ट स्टॉक मंगवा चुके हैं।
व्रत की तैयारियों में जुटी महिलाओं का कहना है कि करवा चौथ का व्रत सुहाग की लंबी उम्र और अटूट रिश्ते का प्रतीक है, और इस दिन हर महिला सबसे सुंदर दिखना चाहती है। सोलह श्रृंगार में चूड़ियों के बिना हर श्रृंगार अधूरा सा लगता है, इसलिए बाजारों में लेटेस्ट डिजाइन तलाशने का यह दौर त्योहार के असली उत्साह को और बढ़ा देता है। फिलहाल, त्योहारी सीजन के इस शुरुआती दौर में व्यापारिक गतिविधियां भी तेजी पकड़ चुकी हैं और बाजारों में रौनक देखते ही बन रही है।
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