Asian Para Games: नागोया में चल रहे एशियाई पैरा खेलों में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। पेरिस पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नितेश कुमार ने पुरुष एकल SL3 वर्ग के फाइनल में हमवतन प्रमोद भगत को हराकर स्वर्ण पदक जीता। नितेश ने 31 मिनट के मुकाबले में 38 वर्षीय प्रमोद को 21-18, 21-16 से मात दी। प्रमोद भगत ने 2018 और 2022 के एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीते थे। इस बार उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। मुकाबले के बाद प्रमोद ने कहा कि वह लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीतना चाहते थे, लेकिन उनके कुछ स्ट्रोक गलत रहे और वह सही निर्णय नहीं ले सके। स्वर्ण पदक जीतने के बाद नितेश ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पिछली बार वह खिताब के काफी करीब पहुंचकर हार गए थे। इस बार प्रमोद को सीधे दो गेम में हराना उनके लिए खास रहा। हालांकि, नितेश को मिश्रित युगल SL3-SU5 वर्ग के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। नितेश और तुलसीमति मुरुगेसन की जोड़ी को इंडोनेशिया के लीनी रात्रि ओकतिला और हिकमत रामदानी ने 11-21, 21-19, 21-14 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। भारतीय जोड़ी को रजत पदक मिला।
नवीन शिवकुमार ने भी अपने नाम किया गोल्ड
भारत के नवीन शिवकुमार ने पुरुष एकल SL4 वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। पहली बार एशियाई पैरा खेलों में हिस्सा ले रहे नवीन ने फाइनल में इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को 21-9, 21-17 से हराया। 36 मिनट तक चले इस मुकाबले में नवीन ने शुरुआत से ही मजबूत खेल दिखाया। नवीन ने कहा कि वह पिछले तीन-चार महीनों से इस पल का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि एशियाई पैरा खेलों में पहली बार उतरने के बावजूद उन्हें अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ खेलने का अनुभव था। इसी वजह से उन्होंने तैयारी के दौरान दबाव नहीं लिया। नवीन इससे पहले 2022 में युगांडा पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। उन्होंने 2026 में बहरीन में आयोजित बीडब्ल्यूएफ पैरा बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप और जून में फ्रेंच पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल में रजत पदक जीता था। अब उनकी नजर विश्व चैंपियनशिप और पैरालंपिक में पदक जीतने पर है।
तुलसीमति और नित्या को भी मिला रजत पदक
भारतीय महिला पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों ने भी पदक तालिका में योगदान दिया। नित्या श्री सुमति सिवन को महिला एकल SH6 वर्ग के फाइनल में चीन की ली फेंगमेई ने 21-12, 21-13 से हराया। नित्या को रजत पदक मिला। तुलसीमति मुरुगेसन महिला एकल SU5 वर्ग के फाइनल में चीन की यांग कियूशिया से 18-21, 11-21 से हार गईं। उन्हें भी रजत पदक मिला। तुलसीमति अब मानसी जोशी के साथ महिला युगल फाइनल में उतरेंगी। दोनों से भारत को एक और पदक की उम्मीद है। पैरा बैडमिंटन में अलग-अलग वर्ग खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति के आधार पर तय किए जाते हैं। SL3 वर्ग में पैरों में अधिक विकलांगता वाले खिलाड़ी आधे कोर्ट पर खेलते हैं, जबकि SL4 वर्ग में खिलाड़ियों की चलने और दौड़ने की क्षमता अपेक्षाकृत बेहतर होती है। SU5 वर्ग ऊपरी अंगों में विकलांगता वाले खिलाड़ियों के लिए और SH6 वर्ग कम कद वाले खिलाड़ियों के लिए होता है।

