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Hansi News: हांसी को मिला नया पहचान पत्र, अक्षरों में समाया असीगढ़ किले का वैभव, 1857 की क्रांति और ड्रोन सिटी की नई उड़ान

GGaganpreet Kaur
Hansi News: हांसी को मिला नया पहचान पत्र, अक्षरों में समाया असीगढ़ किले का वैभव, 1857 की क्रांति और ड्रोन सिटी की नई उड़ान

हांसी को मिला नया पहचान पत्र, अक्षरों में समाया असीगढ़ किले का वैभव

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Hansi News: हरियाणा का 23वां जिला बनने के बाद अपनी नई प्रशासनिक और सांस्कृतिक पहचान गढ़ रहे हांसी शहर को अब एक खास लोगो मिल गया है। तीन महीने की कड़ी मेहनत और शोध के बाद तैयार किए गए इस लोगो की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके ‘Hansi’ शब्द के हर एक अक्षर में शहर के गौरवशाली इतिहास, हड़प्पाकालीन धरोहर, कृषि, यहां की वीरता और आधुनिक तकनीक की झलक बखूबी दिखाई देती है। अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) लक्षित शरीन द्वारा तैयार किए गए इस लोगो को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सौंपा गया, जिसकी मुख्यमंत्री ने जमकर प्रशंसा की।

बच्चों की कल्पना से निकला डिजाइन, एआई नहीं, हाथ की कारीगरी का कमाल

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एडीसी लक्षित शरीन ने बताया कि इस लोगो को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया बेहद अनोखी थी। समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों के बच्चों से हांसी की पहचान और इतिहास विषय पर पेंटिंग्स बनवाई गई थीं। बच्चों की उन्हीं कलाकृतियों और विचारों को जोड़कर यह डिजाइन तैयार किया गया।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि आज के डिजिटल युग में भी इस लोगो को बनाने के लिए किसी तरह की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की मदद नहीं ली गई है। पूरा लोगो पूरी तरह हाथ से उकेरा गया है।

हांसी को मिला नया पहचान पत्र, अक्षरों में समाया असीगढ़ किले का वैभव
हांसी को मिला नया पहचान पत्र, अक्षरों में समाया असीगढ़ किले का वैभव

‘Hansi’ के 5 अक्षरों में दर्ज है सदियों की दास्तान

लोगो के हर अक्षर में हांसी का अतीत और वर्तमान समाया हुआ है:

H (असीगढ़ किला): पहला अक्षर ‘H’ हांसी के ऐतिहासिक असीगढ़ किले की मजबूत प्राचीर और पुरातात्विक महत्व को रेखांकित करता है।

A (राखीगढ़ी सभ्यता): दूसरा अक्षर ‘A’ विश्व प्रसिद्ध हड़प्पाकालीन स्थल राखीगढ़ी की सभ्यता और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है।

N (कृषि व पैदावार): तीसरा अक्षर ‘N’ हांसी के किसानों की मेहनत, हरी मिर्च और गोभी के बंपर उत्पादन व कृषि क्षेत्र में शहर के योगदान को दर्शाता है।

S (150 साल पुरानी मिठाई परंपरा): चौथा अक्षर ‘S’ शहर की 150 वर्ष पुरानी प्रसिद्ध पेड़ा और पारंपरिक मिठाई कला को समर्पित है, जिसने हांसी को अलग पहचान दी।

I (1857 का बलिदान): अंतिम अक्षर ‘I’ 1857 की प्रथम स्वतंत्रता क्रांति, शहीद स्मारक और वीरों के शौर्य की याद दिलाता है। इसमें 19 जनवरी 1858 को अंग्रेजी हुकूमत द्वारा शहीद लाल हुकमचंद जैन, फकीरचंद और मिर्जा मुनीर बेग को दी गई फांसी का ऐतिहासिक संदर्भ पिरोया गया है।

सिसाय की ‘ड्रोन सिटी’ से भविष्य की ओर कदम

लोगो के ठीक ऊपर बना ड्रोन का चित्र हांसी के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। यह सिसाय गांव में विकसित की जा रही ‘इंटीग्रेटेड ड्रोन सिटी’ को दर्शाता है, जहां रक्षा, कृषि और औद्योगिक इस्तेमाल के लिए हाई-टेक ड्रोन तैयार किए जाएंगे।

एडीसी ने बताया कि आने वाले दिनों में हांसी शहर के प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक दीवारों और सरकारी इमारतों पर इस लोगो की भव्य पेंटिंग्स बनाई जाएंगी, ताकि युवा पीढ़ी को अपने शहर के गौरवशाली अतीत और तेजी से बदलते भविष्य की जानकारी मिल सके।

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