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Haryana Orbital Rail Corridor: तावडू में टनल के ऊपर 20 मीटर धंसी जमीन, हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट में बड़ा हादसा टला

AAmandeep Singh
Haryana Orbital Rail Corridor: तावडू में टनल के ऊपर 20 मीटर धंसी जमीन, हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट में बड़ा हादसा टला

तावडू में टनल के ऊपर 20 मीटर धंसी जमीन, हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट में बड़ा हादसा टला

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Haryana Orbital Rail Corridor: हरियाणा के नूंह जिले के तावडू उपमंडल से एक खौफनाक खबर सामने आई है। यहां सेहसोला और पाटुका क्षेत्र के पास हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC) के लिए खोदी जा रही टनल के ठीक ऊपर रविवार देर शाम अचानक जमीन धंस गई। देखते ही देखते करीब 20 मीटर के दायरे में खेत की मिट्टी नीचे धंस गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। (Sehsola Patuka Tunnel Cave In) गनीमत यह रही कि जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय खेत में कोई किसान या बच्चा मौजूद नहीं था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे से महज कुछ ही मिनट पहले वहां से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजरी थी।

घटना के बाद सोमवार को मौके पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सेहसोला, पाटुका और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने टनल का निर्माण कर रही निर्वाण कंस्ट्रक्शन कंपनी और रेलवे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी बिना किसी पूर्व सूचना के दिन-रात अरावली की पहाड़ियों और मिट्टी में हैवी ब्लास्टिंग कर रही है, जिससे आसपास के खेतों और मकानों की नींव हिल रही है।

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सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने का आरोप: 24 घंटे बाद पहुंचे जिम्मेदार अफसर

मौके पर एकत्र हुए ग्रामीण इस्लाम, मुबीन, रजाक, अब्बास और मौज खान का कहना है कि टनल खुदाई के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन नहीं किया जा रहा। (Taoru Nagarpalika News) जिस जगह यह गहरा गड्ढा हुआ है, वहां न तो मिट्टी को रोकने के लिए पर्याप्त सपोर्ट सिस्टम लगाया गया था और न ही किसी तरह का चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग की गई थी। इस गहरे गड्ढे से अब आवारा मवेशियों, वन्य जीवों और खेल रहे बच्चों के गिरने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी भारी नाराजगी देखने को मिली कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद निर्माण कंपनी और रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी करीब 24 घंटे बाद मौके पर पहुंचे। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तब जाकर अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया। ग्रामीणों ने यह भी साफ किया कि अरावली क्षेत्र के सेहसोला, घुसपैठी, पाटुका, किरूरी और धुलावट के किसानों का जमीन अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर विवाद पहले से ही अदालत में लंबित है।

₹5,618 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट पर उठे सवाल, DC ने दिए जांच के आदेश

मामला तूल पकड़ते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है। नूंह के उपायुक्त (DC) अखिल पिलानी ने घटना का संज्ञान लेते हुए कहा कि मामला बेहद गंभीर है और इसकी तकनीकी जांच कराई जा रही है। संबंधित विभागों और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उधर, मौके पर पहुंचे रेलवे और कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों ने माना कि यह साइड का हिस्सा है। उन्होंने धंसी हुई जगह की तुरंत भरपाई करने, बैरिकेडिंग लगाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का लिखित-मौखिक भरोसा दिया है।

हालांकि, ग्रामीणों का रुख अब भी सख्त है। उनका कहना है कि जब तक सुरक्षा की 100% गारंटी नहीं मिलती और धंसी जमीन का मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक टनल निर्माण का काम आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।

जानिए क्या है हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट?

लागत: पूरे कॉरिडोर प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹5,618 करोड़ है, जिसमें से केवल 4.69 किलोमीटर लंबी इस टनल पर लगभग ₹1,200 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं।

तकनीक: अरावली की कठोर चट्टानों को काटकर 1.1 किमी और मिट्टी की खुदाई करके करीब 3.6 किमी लंबी डबल ट्रैक टनल बनाई जा रही है।

साइज: यह टनल 30 फीट ऊंची और 30 फीट चौड़ी होगी।

रफ्तार: इस ट्रैक पर 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पैसेंजर ट्रेनें और 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मालगाड़ियां दौड़ेंगी।

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