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Haryana State Election Commission News: चुनाव आयोग का 'हंटर': शहर गंदा किया तो कटेगी जेब, अवैध पोस्टर और होर्डिंग्स पर हरियाणा निर्वाचन आयोग का कड़ा प्रहार

GGaganpreet Kaur
चुनाव आयोग का 'हंटर': शहर गंदा किया तो कटेगी जेब, अवैध पोस्टर और होर्डिंग्स पर हरियाणा निर्वाचन आयोग का कड़ा प्रहार
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चंडीगढ़। स्थानीय निकाय चुनावों की सरगर्मी के बीच प्रत्याशियों द्वारा शहर की दीवारों और सार्वजनिक स्थलों को ‘विज्ञापनी जंग’ का अखाड़ा बनाने की कोशिशों पर राज्य चुनाव आयोग ने पानी फेर दिया है। आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी भी प्रत्याशी या राजनीतिक दल ने सड़कों, गलियों, चौराहों या सरकारी भवनों पर बिना अनुमति के पोस्टर, बैनर या फ्लेक्स बोर्ड लगाए, तो इसका खामियाजा उनकी जेब और चुनावी साख दोनों को भुगतना पड़ेगा। यह कदम न केवल आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) बल्कि ‘हरियाणा संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम-1989’ को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उठाया गया है।

वीडियोग्राफी से रखी जाएगी पैनी नजर

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राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव गौरव कुमार ने इस संबंध में सभी जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और चुनाव पर्यवेक्षकों को कड़े फरमान जारी किए हैं। आयोग ने पर्यवेक्षकों को आदेश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में अनधिकृत स्थानों पर लगी प्रचार सामग्री की विशेष रूप से वीडियोग्राफी करवाएं। ये वीडियो फुटेज न केवल कानूनी कार्रवाई के लिए आधार बनेंगे, बल्कि उल्लंघन करने वाले उम्मीदवारों को नोटिस जारी करने में भी साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल किए जाएंगे।

चुनावी खर्च का बढ़ेगा मीटर

आयोग की इस सख्ती का सबसे बड़ा असर प्रत्याशियों के चुनावी बजट पर पड़ने वाला है। व्यय पर्यवेक्षकों (Expenditure Observers) को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वतंत्र रूप से साक्ष्य एकत्रित करें और प्रत्याशियों के खर्च रजिस्टर की बारीकी से जांच करें। अवैध रूप से लगाए गए झंडों, पोस्टरों और होर्डिंग्स पर होने वाला पूरा खर्च उम्मीदवार के आधिकारिक चुनावी खर्च में जोड़ दिया जाएगा। यदि यह खर्च तय सीमा से बाहर निकलता है, तो प्रत्याशी की सदस्यता पर भी तलवार लटक सकती है।

नगर निगम और पुलिस को ‘नाइट पेट्रोलिंग’ के निर्देश

अक्सर देखा जाता है कि दिन की सख्ती से बचने के लिए प्रत्याशी रात के अंधेरे में सरकारी संपत्तियों पर पोस्टर चिपकाते हैं। इस खेल को रोकने के लिए पुलिस पर्यवेक्षकों को रात के समय गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, नगर निगम आयुक्तों को पाबंद किया गया है कि वे ऐसी किसी भी सामग्री को तुरंत प्रभाव से हटवाएं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित अधिकारी मतगणना के परिणाम घोषित होने तक अपने-अपने क्षेत्रों में डटे रहेंगे और आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

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