Haryana Weather: हरियाणा के लोगों को राहत देने के बाद मानसून के तेवर एक बार फिर ढीले पड़ गए हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के विपरीत बारिश का दायरा सिमटने से सूबे में उमस भरी गर्मी ने वापसी कर ली है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय और मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, फिलहाल केवल उत्तर-पूर्वी जिलों अंबाला और यमुनानगर में ही बारिश का यलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। बीते 24 घंटों के दौरान हुई धूप-छांव की खींचतान के बीच औसतन अधिकतम तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस का उछाल दर्ज किया गया है, जिससे दोपहर के समय लोगों का पसीने से बुरा हाल रहा।
15 शहरों में पारा 35 डिग्री के पार, हिसार में झुलसाने वाली गर्मी
बारिश की कमी और तेज धूप के तीखे तेवरों से प्रदेश के 15 मुख्य शहरों में अधिकतम पारा 35 डिग्री के आंकड़े को लांघ गया है। मंगलवार को 36.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ हिसार राज्य का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। इसके अलावा महेंद्रगढ़ में 35.9°C, भिवानी और सिरसा में 35.5°C तथा अंबाला में 35.4°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं रात के तापमान में भी 0.4°C की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि यमुनानगर में रात का तापमान सबसे कम 23.4°C रहा, जबकि अंबाला में 25.3°C, हिसार में 25°C और करनाल में 24.6°C दर्ज किया गया, जिससे रातों में मामूली राहत बरकरार है।
जींद-सिरसा में सूखे जैसे हालात, पलवल में बरसे सर्वाधिक मेघ
1 जून से 15 सितंबर तक के आधिकारिक मानसून सीजन के आंकड़ों पर नजर डालें तो हरियाणा में बादलों का मिजाज काफी असमान रहा है। जींद और सिरसा जैसे कृषि प्रधान जिलों में मानसून ने किसानों को बुरी तरह निराश किया है। जींद में सामान्य से 60 प्रतिशत कम (महज 145.5 मिमी) और सिरसा में 58 प्रतिशत कम (88.1 मिमी) वर्षा दर्ज हुई है। इसके विपरीत पलवल जिला बारिश के मामले में सबसे खुशनसीब साबित हुआ, जहां औसतन 21 फीसदी अधिक यानी 473.4 मिमी बरसात दर्ज की जा चुकी है।
एनसीआर और मध्य हरियाणा में हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पंचकूला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, जींद, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में स्थानीय प्रभाव के चलते आंशिक बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। वहीं पश्चिमी हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों में केवल छिटपुट बूंदाबांदी ही देखने को मिल सकती है। बारिश का मजबूत सिस्टम न बनने के कारण अगले दो-तीन दिनों तक प्रदेशवासियों को उमस और तपिश से खास राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

