सोनीपत। सोनीपत का राई इलाका वीरवार देर रात उस वक्त पुलिसिया सायरनों और सरकारी गाड़ियों की चमक से दहल उठा, जब हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने एक गुप्त सूचना के आधार पर ‘सरप्राइज रेड’ की। गांव राठधाना रोड पर स्थित एक नामी यूनिवर्सिटी के पास चल रहे शराब ठेकों और नामी क्लबों पर जब महिला आयोग की टीम पहुंची, तो वहां का नजारा देख खुद चेयरपर्सन भी दंग रह गईं। इस छापेमारी ने सोनीपत पुलिस और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली की कलई खोलकर रख दी है।
“पुलिस ने ही धो दिया मिशन”: रेणु भाटिया के गंभीर आरोप
छापेमारी के दौरान चेयरपर्सन रेणु भाटिया का सबसे तीखा हमला सोनीपत पुलिस पर रहा। उन्होंने मीडिया के सामने बेहद तल्ख अंदाज में कहा कि पुलिस विभाग के ही किसी कर्मचारी ने छापेमारी की भनक पहले ही संबंधित लोगों को दे दी थी। भाटिया के मुताबिक, उन्हें जिस विशेष व्यक्ति को लेकर पुख्ता शिकायत मिली थी, सूचना लीक होने के कारण वह पुलिस के पहुंचने से चंद मिनट पहले ही रफूचक्कर हो गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब रक्षक ही भक्षक के मददगार बन जाएं, तो कार्रवाई कैसे सफल होगी? उन्होंने साफ किया कि सूचना लीक करने वाले खाकीधारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
सड़कों पर छलके जाम, भविष्य के साथ खिलवाड़ देख भड़कीं चेयरपर्सन
यूनिवर्सिटी के आसपास के माहौल पर नाराजगी जताते हुए रेणु भाटिया ने कहा कि रात के अंधेरे में सैकड़ों की संख्या में छात्र और युवा सड़कों पर खुलेआम शराब का सेवन करते पाए गए। यह स्थिति न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ है। मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए उन्होंने पूछा कि यूनिवर्सिटी के इतने पास इस तरह की अनैतिक गतिविधियां किसकी शह पर चल रही हैं? उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यूनिवर्सिटी के आसपास के इस माहौल को सुधारने के लिए जल्द ही दोबारा ‘स्पेशल ऑपरेशन’ चलाया जाएगा।
‘मिशन अधूरा है, फिर लौटेंगे’
महिला आयोग की अध्यक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि यह महज एक सांकेतिक रेड नहीं थी। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य और महिलाओं की सुरक्षा से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि पुलिस की कथित गद्दारी की वजह से मुख्य आरोपी हाथ नहीं आया, लेकिन चेयरपर्सन ने चेतावनी दी है कि इस मिशन को दोबारा अमल में लाया जाएगा। अब देखना यह होगा कि सोनीपत पुलिस अपने दामन पर लगे इस दाग को कैसे साफ करती है और सूचना लीक करने वाले ‘विभीषणों’ पर क्या गाज गिरती है।

