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कुश्ती के अखाड़े में हरियाणा का राज नेशनल रैंकिंग में 80% पहलवान प्रदेश के, विनेश पर बैन

AAmandeep Singh
कुश्ती के अखाड़े में हरियाणा का राज नेशनल रैंकिंग में 80% पहलवान प्रदेश के, विनेश पर बैन
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हरियाणा। उत्तर प्रदेश के गोंडा में चल रहे नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि देश में कुश्ती का असली पावरहाउस हरियाणा ही है। फ्री स्टाइल कुश्ती के इस महाकुंभ में देशभर से करीब 600 पहलवान जोर-आजमाइश कर रहे हैं, लेकिन दिलचस्प आंकड़ा यह है कि इनमें से 80 प्रतिशत से ज्यादा खिलाड़ी अकेले हरियाणा की माटी से ताल्लुक रखते हैं। हरियाणा के इन युवाओं ने अखाड़े में अपने दांव-पेच से प्रतिद्वंदियों को चित करना शुरू कर दिया है, जिससे पदक तालिका में प्रदेश का दबदबा साफ नजर आ रहा है।

विनेश पर बैन की तलवार: संजय सिंह बोले- ‘आरोप लगाना बन गई है आदत’

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अखाड़े में जारी मुकाबलों के बीच भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। रविवार को प्रतियोगिता के उद्घाटन पर पहुंचे संजय सिंह ने विनेश फोगाट को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि विनेश अनुशासनहीनता के नोटिस का जवाब देने में नाकाम रही हैं। अगर उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उन पर आधिकारिक प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। संजय सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि विनेश अब हर बात पर बेबुनियाद आरोप लगाने की आदी हो चुकी हैं, जबकि संघ का पूरा ध्यान अब 2028 ओलंपिक की तैयारियों पर है।

विनेश बनाम बृजभूषण: अब शेरो-शायरी से चल रहे हैं शब्द-बाण

राजनीति और खेल के बीच फंसी विनेश फोगाट और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की अदावत अब सोशल मीडिया पर ‘शायराना’ रुख अख्तियार कर चुकी है। विनेश ने अपनी पोस्ट में खुद के किरदार और आत्मसम्मान को बुलंद बताते हुए लिखा, “झुकाने की ताकत नहीं किसी तलवार में…।” विनेश की इस पोस्ट को जहां उनके समर्थक संघर्ष का प्रतीक बता रहे हैं, वहीं बृजभूषण ने भी पलटवार करने में देर नहीं की। उन्होंने विनेश का नाम लिए बिना लिखा, “बुलंदी भी पल भर का तमाशा है, जिस शाख पर बैठे हो, वह टूट भी सकती है।” इस इशारेबाजी ने कुश्ती जगत के माहौल को और गरमा दिया है।

ओलंपिक का लक्ष्य और अतीत की टीस

WFI अध्यक्ष ने कुश्ती के गिरते ग्राफ पर भी अपनी राय रखी। उनका मानना है कि 2023 में हुए पहलवानों के आंदोलन के कारण भारतीय कुश्ती को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने दावा किया कि पेरिस ओलंपिक में भारत का लक्ष्य चार पदकों का था, लेकिन तैयारी बाधित होने की वजह से केवल एक पदक ही हाथ लग सका। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भारत 4 से 5 पदक जीतेगा। उन्होंने यह भी चेताया कि कुछ ‘देशविरोधी ताकतें’ फिर से खेल का माहौल खराब करने की साजिश रच सकती हैं, जिनसे सावधान रहने की जरूरत है।

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