एशियाड में भारत का रिपोर्ट कार्ड: बॉक्सिंग-रेसलिंग चमके; 24 साल बाद महिला खिलाड़ियों ने पुरुषों से ज्यादा गोल्ड जीते
24 साल बाद एशियाड में लड़कियां लड़कों से आगे
Asian Games Analysis: एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान लगभग पूरा हो चुका है। आइची-नागोया में हुए इन खेलों में भारत ने 21 गोल्ड समेत कुल 85 मेडल अपने नाम किए। आखिरी दिन घुड़सवारी के दो गोल्ड मेडल इवेंट बाकी हैं, लेकिन इनमें कोई भारतीय खिलाड़ी हिस्सा नहीं ले रहा है। ऐसे में भारत का कुल पदक आंकड़ा 85 पर रहने की संभावना है। मेडल टैली में भारत फिलहाल चौथे स्थान पर है। उज्बेकिस्तान के भी 21 गोल्ड हैं, लेकिन भारत के खाते में सिल्वर मेडल ज्यादा हैं। अगर आखिरी दिन उज्बेकिस्तान कोई गोल्ड नहीं जीतता है तो भारत चौथे स्थान पर एशियाड खत्म करेगा। भारत के लिए इस बार कुछ खेल बड़ी उपलब्धि लेकर आए तो कुछ प्रमुख खेलों में पिछली बार के प्रदर्शन की कमी साफ दिखाई दी।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने एक खास उपलब्धि हासिल की। भारत ने महिलाओं के इवेंट में 11 गोल्ड मेडल जीते, जबकि पुरुष खिलाड़ियों ने 7 गोल्ड अपने नाम किए। तीन गोल्ड मिक्स्ड इवेंट से आए। यानी व्यक्तिगत और जेंडर आधारित इवेंट्स में इस बार भारतीय महिलाओं का प्रदर्शन पुरुषों से बेहतर रहा। भारत के लिए ऐसा आखिरी बार 2002 के बुसान एशियन गेम्स में हुआ था। तब भारतीय महिलाओं ने 6 गोल्ड जीते थे, जबकि पुरुष खिलाड़ियों के नाम 5 गोल्ड रहे थे। इसके बाद लगातार हुए एशियन गेम्स में पुरुषों का गोल्ड मेडल प्रदर्शन महिलाओं से आगे रहा। इस लिहाज से 2026 का एशियाड भारतीय महिला खेलों के लिए खास रहा। 11 गोल्ड का आंकड़ा दिखाता है कि भारत की महिला खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में पदक जीतने की क्षमता मजबूत की है।
2. बॉक्सिंग और रेसलिंग में उछाल, शूटिंग-एथलेटिक्स में बड़ा नुकसान
भारत के कुल गोल्ड मेडल में इस बार बॉक्सिंग और रेसलिंग ने अहम योगदान दिया। 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए एशियन गेम्स में भारत को बॉक्सिंग और रेसलिंग में एक भी गोल्ड नहीं मिला था। इस बार बॉक्सिंग में 3 और रेसलिंग में 2 गोल्ड आए। हालांकि दूसरी तरफ शूटिंग और एथलेटिक्स में भारत को पिछली बार की तुलना में बड़ा नुकसान हुआ। 2023 में भारत ने शूटिंग में 7 और एथलेटिक्स में 6 गोल्ड जीते थे। इस बार शूटिंग से सिर्फ 3 गोल्ड मिले, जबकि एथलेटिक्स में भारत को 1 गोल्ड ही मिला।
यानी केवल इन दो खेलों में भारत के गोल्ड मेडल में 9 की कमी आई। यही कमी कुल गोल्ड की संख्या पर भी दिखाई दी। 2023 में भारत ने 28 गोल्ड समेत 106 मेडल जीते थे, जबकि इस बार 21 गोल्ड के साथ कुल 85 मेडल मिले। इसके अलावा पिछली बार स्क्वॉश में भारत को 2 गोल्ड और टेनिस, बैडमिंटन तथा घुड़सवारी में 1-1 गोल्ड मिला था। इस बार इन खेलों में भारत गोल्ड हासिल नहीं कर सका। आर्चरी में हालांकि भारत ने पिछली बार के प्रदर्शन को दोहराया।
3. टीम इवेंट्स में भारत की धाक, हॉकी से मिले दो ओलिंपिक टिकट
टीम इवेंट्स भारत के लिए एशियन गेम्स 2026 की सबसे बड़ी ताकतों में रहे। क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल जीते। इन खेलों में भारत की टीमों ने न सिर्फ पदक जीते, बल्कि कई मुकाबलों में दबदबा भी कायम रखा। हॉकी में मिली सफलता का महत्व और ज्यादा है। एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली हॉकी टीम को सीधे ओलिंपिक का टिकट मिलता है। इसलिए भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने 2026 एशियाड में गोल्ड जीतकर 2028 लॉस एंजिल्स ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई कर लिया। यह भारत के लिए खास उपलब्धि है क्योंकि पहली बार ऐसा हुआ है कि एक ही एशियन गेम्स में भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल जीता। यानी टीम इवेंट्स ने भारत के मेडल खाते में योगदान देने के साथ अगले ओलिंपिक की राह भी साफ कर दी।
4. चीन की बादशाहत कायम, भारत ने पिछली रैंकिंग दोहराई
एशियन गेम्स में चीन का दबदबा एक बार फिर बरकरार रहा। चीन ने 169 गोल्ड समेत कुल 341 मेडल जीते। दूसरे स्थान पर जापान रहा, जिसके खाते में 83 गोल्ड आए। यानी चीन ने अकेले जापान से दोगुने से भी ज्यादा गोल्ड जीते। चीन 1982 से लगातार एशियन गेम्स की मेडल टैली में टॉप पर रहा है। इस दौरान किसी भी देश ने उसे नंबर-1 की स्थिति से हटाने में कामयाबी हासिल नहीं की। 2026 में भी चीन ने अपनी बादशाहत बरकरार रखी। भारत ने रैंकिंग के लिहाज से पिछले एशियन गेम्स का प्रदर्शन दोहराया है। 2023 में भारत चौथे स्थान पर रहा था और इस बार भी चौथे स्थान पर रहने की स्थिति में है। हालांकि पदकों की संख्या में गिरावट आई। पिछली बार भारत ने 28 गोल्ड समेत 106 मेडल जीते थे, जबकि इस बार 21 गोल्ड समेत 85 मेडल मिले। यानी भारत के खाते में 7 गोल्ड और कुल 21 मेडल कम रहे।
5. 53 वर्ल्ड रिकॉर्ड टूटे, भारतीय तीरंदाजों ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की
आइची-नागोया एशियन गेम्स में खिलाड़ियों ने कई नए रिकॉर्ड बनाए। अलग-अलग इवेंट्स में कुल 53 वर्ल्ड रिकॉर्ड टूटे, जबकि 76 एशियन रिकॉर्ड भी नए सिरे से बने। इसके अलावा 166 नए गेम्स रिकॉर्ड दर्ज किए गए। भारत के लिए तीरंदाजी में भी बड़ी उपलब्धि आई। भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने फाइनल में चीन के खिलाफ 238 पॉइंट हासिल किए। यह स्कोर वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी के तौर पर दर्ज हुआ। यानी भारतीय टीम ने सिर्फ पदक ही नहीं जीता, बल्कि रिकॉर्ड स्तर का प्रदर्शन भी किया। भारत के लिए 2026 एशियन गेम्स का सबसे बड़ा सबक यही रहा कि कुछ खेलों में प्रदर्शन का स्तर तेजी से ऊपर गया, जबकि शूटिंग और एथलेटिक्स जैसे मजबूत पदक स्रोतों में कमी ने कुल आंकड़े को प्रभावित किया। महिला खिलाड़ियों की बढ़ती हिस्सेदारी, बॉक्सिंग-रेसलिंग में गोल्ड की वापसी और दोनों हॉकी टीमों का ओलिंपिक टिकट आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
