एशियन गेम्स में भारत के 20 गोल्ड पूरे, अमन सहरावत चैंपियन; हॉकी फाइनल में भी बढ़त
अमन सहरावत ने दिलाया भारत को 20वां गोल्ड
Asian Games: एशियन गेम्स में भारतीय दल ने शनिवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए 20वां स्वर्ण पदक जीत लिया। रेसलर अमन सहरावत ने पुरुषों के 57 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। अमन की जीत के साथ भारत के शनिवार के स्वर्ण पदकों की संख्या चार हो गई। इससे पहले भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने गोल्ड जीता, जबकि प्रणवी उर्स ने गोल्फ और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोद ने तीरंदाजी में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। भारत अब 84 पदकों के साथ मेडल टैली में 5वें स्थान पर है। इसमें 20 गोल्ड के अलावा सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल भी शामिल हैं।
महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग के फाइनल में भारत की अंतिम पंघाल को जापान की मोए कियोका ने 9-1 से हराया। इस हार के साथ अंतिम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। फाइनल की शुरुआत में ही कियोका ने अंतिम का लेग टेकडाउन किया और एक अंक हासिल किया। इसके बाद अंतिम ने कई बार लेग अटैक करने की कोशिश की, लेकिन जापानी पहलवान ने उनके प्रयासों को नाकाम कर दिया। पैसिविटी के कारण अंतिम को चेतावनी मिलने के बाद कियोका को एक और अंक मिला। पहले पीरियड के खत्म होने तक जापानी पहलवान 2-0 से आगे थीं। मुकाबला आगे बढ़ने के साथ कियोका ने बढ़त मजबूत की और आखिरकार 9-1 से जीत दर्ज कर गोल्ड हासिल किया। अंतिम ने इससे पहले हांगझोउ एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस बार उन्होंने फाइनल तक पहुंचकर भारत के लिए सिल्वर पक्का किया।
पुरुष हॉकी के फाइनल में भारत और मलेशिया के बीच गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला चल रहा है। भारत ने 3-1 की बढ़त बना रखी है। मलेशिया ने 14वें मिनट में शेलो सिल्वरियस के गोल से खाता खोला। इसके बाद भारतीय टीम ने वापसी करते हुए लगातार दबाव बनाया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह और जुगराज सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर से भारत के लिए गोल किए। दूसरे हाफ में भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। 43वें मिनट में डिफ्लेक्शन के बाद अंपायर ने पेनल्टी स्ट्रोक का फैसला दिया। मलेशिया के रिव्यू के बावजूद फैसला बरकरार रहा और हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदल दिया।
51वें मिनट में राजिंदर का शॉट गोल से बाहर
51वें मिनट में भारत के पास बढ़त मजबूत करने का मौका आया। संजय ने बाएं छोर से गेंद संभालते हुए सर्कल में मौजूद राजिंदर को पास दिया। राजिंदर ने बिना ज्यादा देर किए शॉट लगाया, लेकिन गेंद गोल पोस्ट से बाहर निकल गई। मलेशियाई गोलकीपर को इस प्रयास पर कोई खास परेशानी नहीं हुई। भारत अभी 3-1 से आगे है। इससे पहले 48वें मिनट में भी भारत को काउंटर अटैक का मौका मिला था। मनप्रीत सिंह ने हरमनप्रीत को एरियल पास देने की कोशिश की, लेकिन हरमनप्रीत गेंद को ट्रैप नहीं कर सके और मौका हाथ से निकल गया।
अंतिम पंघाल के सामने फाइनल में जापान की मोए कियोका थीं। कियोका 2024 वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीत चुकी हैं। 2025 एशियन चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में भी उन्होंने अंतिम को टेक्निकल सुपीरियोरिटी से हराया था। अंतिम ने हांगझोउ एशियन गेम्स के ब्रॉन्ज के बाद इस बार फाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि गोल्ड मेडल मुकाबले में वह कियोका की चुनौती पार नहीं कर सकीं और सिल्वर के साथ अभियान खत्म किया।
