हिसार। जब इरादे फौलादी हों और साधना निस्वार्थ, तो सफलता की गूंज सात समंदर पार तक सुनाई देती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है हरियाणा के हिसार की रहने वाली योग साधिका मधु वर्मा ने। गुजरात के अहमदाबाद में बीती 4 से 8 जून तक आयोजित हुई ‘प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप’ में मधु ने अपनी लचीली देह और कठिन आसनों के दम पर विश्व भर के धुरंधरों को पछाड़ते हुए सोने का तमगा अपने नाम किया है। इस ऐतिहासिक और पहली विश्व चैंपियनशिप में दुनिया के 78 देशों से आए 500 से अधिक एथलीटों ने अपनी दावेदारी पेश की थी, लेकिन सीनियर एज ग्रुप के ‘ट्विस्टिंग बॉडी इवेंट’ में जो मुकाम मधु ने हासिल किया, उसने भारत का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया है।
स्कूल के एक ‘पीरियड’ से शुरू हुआ सफर, मेडल दर मेडल बढ़ती गई साख
अपनी इस स्वर्णिम यात्रा को साझा करते हुए मधु बताती हैं कि यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे पिछले 7-8 साल की अनवरत तपस्या है। उन्होंने बचपन में महज खुद को तंदुरुस्त रखने के लिए स्कूल के योग पीरियड में हिस्सा लेना शुरू किया था। वहीं से उन्हें इस विधा की बारीकियों और खेल प्रतियोगिताओं का पता चला।
इसके बाद मधु ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। साल 2021 के ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता, तो खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में उनके हिस्से ब्रॉन्ज मेडल आया। सफलता का यह कारवां यहीं नहीं रुका; साल 2025 में आयोजित एशियन योगासन चैंपियनशिप में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की थी।
“लक्ष्य अब ओलंपिक है…” युवाओं को दी योग अपनाने की सलाह
अपनी कामयाबी का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच को देते हुए मधु ने कहा, “आज अगर योग विश्व के घर-घर तक पहुंचा है और इसे एक खेल के रूप में इतनी बड़ी मान्यता मिली है, तो यह पीएम मोदी की ही पहल का नतीजा है। अब योगासन के बल पर युवा न केवल निरोगी रह सकते हैं, बल्कि पदक जीतकर सरकारी नौकरियां भी हासिल कर रहे हैं।”
पढ़ाई और मानसिक एकाग्रता के लिए योग को अचूक दवा बताते हुए मधु ने कहा कि उनका अंतिम सपना योगासन को ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनते देखना और उसमें देश के लिए पोडियम फिनिश करना है।
जब लाडली के स्वागत में थम गया शहर, मिला ₹11,000 का शगुन
विश्व विजेता बनकर जब मधु अपने गृह जिले हिसार पहुंचीं, तो कॉलोनी और शहर के लोगों का उत्साह देखने लायक था। ढोल-नगाड़ों की थाप और फूलों की बारिश के बीच पूरी कॉलोनी ने अपनी इस लाडली का पलक-पावड़े बिछाकर स्वागत किया।
स्थानीय संभ्रांत नागरिक अशोक वशिष्ठ ने बताया कि मधु की इस अद्वितीय सफलता पर पूरे इलाके को गर्व है। इस खुशी के मौके पर लोगों ने न सिर्फ एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया, बल्कि पूरी कॉलोनी की तरफ से मधु को भावी तैयारियों और प्रोत्साहन के रूप में ₹11,000 की नकद राशि और उपहार भेंट किए।

