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Aadhaar Authentication History: कहाँ-कहाँ इस्तेमाल हो रहा है आपका आधार? , घर बैठे ऐसे चेक करें अपनी आधार बायोमेट्रिक हिस्ट्री

AAmandeep Singh
Aadhaar Authentication History: कहाँ-कहाँ इस्तेमाल हो रहा है आपका आधार? , घर बैठे ऐसे चेक करें अपनी आधार बायोमेट्रिक हिस्ट्री
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टेक्नोलॉजी। आज के दौर में शायद ही कोई ऐसा सरकारी या गैर-सरकारी काम बचा हो जो बिना आधार कार्ड के मुमकिन हो। बैंक में नया खाता खुलवाना हो, नया मोबाइल सिम कार्ड लेना हो या फिर किसी सरकारी योजना की सब्सिडी पानी हो—हर जगह आधार की मौजूदगी अनिवार्य हो चुकी है। लेकिन इस व्यापक निर्भरता के बीच एक बड़ा खतरा भी मंडरा रहा है। क्या आपको यकीन है कि आपकी जानकारी के बिना आपके फिंगरप्रिंट या आधार नंबर का कहीं कोई गलत इस्तेमाल नहीं कर रहा है? अक्सर लोग इस बात को लेकर बेफिक्र रहते हैं, जो आगे चलकर बड़ी मुसीबत का सबब बन जाता है। इस खतरे से निपटने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) एक बेहद कारगर टूल देता है, जिसकी मदद से आप अपने आधार कार्ड की पूरी कुंडली खंगाल सकते हैं।

यूआईडीएआई की रिपोर्ट से खुलेगा राज, मिनटों में सामने आएगी पूरी ‘लॉग इन’ हिस्ट्री

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यूआईडीएआई आम जनता को पिछले 6 महीनों का ‘ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री’ (प्रमाणीकरण इतिहास) देखने की आजादी देता है। इसके जरिए आप यह साफ-साफ देख सकते हैं कि आपके डिजिटल डेटा को कब और कहाँ इस्तेमाल किया गया। इस ऑनलाइन रिपोर्ट को डाउनलोड करने के बाद आपको निम्नलिखित जानकारियां मिलेंगी:

इस्तेमाल का प्रकार: आपको साफ पता चल जाएगा कि आपके आधार का उपयोग बायोमेट्रिक (अंगूठे का निशान), आईरिस (आंखों की पुतली) या फिर सिर्फ मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) के जरिए किया गया है।

सटीक समय और तारीख: किस दिन और ठीक किस मिनट पर आपके आधार को प्रमाणित किया गया था, इसकी पाई-पाई की टाइमिंग रिपोर्ट में दर्ज होती है।

संस्था का नाम: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किस सरकारी विभाग, प्राइवेट बैंक, डिजिटल वॉलेट या टेलीकॉम कंपनी ने आपका डेटा एक्सेस किया है, उस एजेंसी का नाम भी सामने आ जाएगा।

सुरक्षा का अचूक कवच: अपने बायोमेट्रिक्स को ऑनलाइन ऐसे करें लॉक

अगर आप चाहते हैं कि आपके पीछे से कोई भी आपके अंगूठे का क्लोन बनाकर या आपके नाम का गलत इस्तेमाल न कर सके, तो आपको ‘बायोमेट्रिक लॉक’ फीचर का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। इसके लिए आपको यूआईडीएआई के ‘माय आधार’ (My Aadhaar) पोर्टल या अपने स्मार्टफोन में ‘mAadhaar’ ऐप डाउनलोड करना होगा।

वहां जाकर आप ‘लॉक/अनलॉक बायोमेट्रिक्स’ के विकल्प को चुनकर अपने डेटा को पूरी तरह सील कर सकते हैं। इसके बाद अगर कोई साइबर ठग आपके फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करने की कोशिश भी करेगा, तो सिस्टम उसे रिजेक्ट कर देगा। जब भी आपको खुद कहीं पैसे निकालने हों या अंगूठा लगाना हो, तो आप ऐप के जरिए ही इसे तुरंत 10 मिनट के लिए ऑनलाइन अनलॉक कर सकते हैं, जो काम पूरा होने के बाद स्वतः ही दोबारा लॉक हो जाता है।

कोई गड़बड़ी दिखे तो देर न करें, तुरंत लें इस सरकारी नंबर का सहारा

हिस्ट्री चेक करते समय अगर आपकी नजर किसी ऐसे ट्रांजैक्शन या ऑथेंटिकेशन पर पड़ती है जो आपने कभी किया ही नहीं, तो इसे हल्के में लेने की भूल कतई न करें। यह इस बात का सीधा संकेत है कि आपका डेटा सुरक्षित नहीं है। ऐसी स्थिति में बिना एक पल गंवाए यूआईडीएआई के आधिकारिक और मुफ्त हेल्पलाइन नंबर 1947 पर कॉल करके मामले की जानकारी दें। इसके अतिरिक्त, आप यूआईडीएआई के डिजिटल पोर्टल पर जाकर भी अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं, ताकि समय रहते उस फर्जी ट्रांजैक्शन या सिम कार्ड को ब्लॉक कराया जा सके और आप किसी भी तरह की कानूनी पेचीदगी या वित्तीय नुकसान से बच सकें।

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