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Kheda government school Indri: खेड़ा के सरकारी स्कूल में पर्यावरण दिवस पर अनूठी मुहिम, अफसरों और ग्रामीणों ने लिया 'पौधापोषण' का संकल्प

GGaganpreet Kaur
खेड़ा के सरकारी स्कूल में पर्यावरण दिवस पर अनूठी मुहिम, अफसरों और ग्रामीणों ने लिया 'पौधापोषण' का संकल्प
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इन्द्री। उत्तर भारत में इन दिनों पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी और तपती लू के बीच आखिरकार यह अहसास गहरा होने लगा है कि अगर अब भी हम पेड़ों की छांव की तरफ नहीं लौटे, तो आने वाला कल और भी डरावना होगा। इसी फिक्र और जिम्मेदारी को समझते हुए शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर इन्द्री हलके के गांव खेड़ा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक बेहद जरूरी और व्यावहारिक मुहिम की शुरुआत की गई। स्कूल प्रशासन ने इस दिन को महज रस्म अदायगी नहीं बनने दिया, बल्कि ‘पौधारोपण के साथ पौधापोषण’ के संकल्प को जोड़कर एक नई मिसाल पेश की।

“पेड़ हैं तो हम हैं, धरती पर बढ़ता कंक्रीट का जंगल चिंताजनक”— धर्मपाल चौधरी

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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करने पहुंचे जिला परियोजना समन्वयक धर्मपाल चौधरी ने स्कूल प्रांगण में पहला पौधा रोपने के बाद उपस्थित जनसमूह और विद्यार्थियों को संबोधित किया। बेहद संजीदा लहजे में उन्होंने कहा, “आज हम जिस जलवायु परिवर्तन और भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं, वह कुदरत के साथ हमारी छेड़छाड़ का ही नतीजा है। पेड़-पौधे इस धरती की सांसें हैं। ये हमें सिर्फ शुद्ध हवा, फल और छांव ही नहीं देते, बल्कि पूरी प्रकृति के संतुलन को बनाए रखते हैं।” उन्होंने अपील की कि अब वक्त आ गया है जब हर नागरिक को अपने घर और आसपास कम से कम एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए।

सामूहिक जिम्मेदारी से ही सुधरेगा कल: गुरनाम सिंह

विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे गुरनाम सिंह मंढान ने विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि आने वाले समय में पर्यावरण की रक्षा करने का सबसे बड़ा जिम्मा देश के युवाओं और इन स्कूली बच्चों पर ही है। यह हमारी कोई व्यक्तिगत पसंद नहीं, बल्कि एक सामूहिक और सामाजिक जिम्मेदारी है।

इससे पहले, स्कूल की प्राचार्या सुमन वर्मा ने मुख्य अतिथियों सहित गांव से आए तमाम गणमान्य लोगों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि स्कूल स्टाफ और बच्चों ने मिलकर यह तय किया है कि आज जितने भी पौधे परिसर में लगाए जा रहे हैं, उनकी सुरक्षा और सिंचाई की जिम्मेदारी तय की जाएगी ताकि वे लावारिस न छूटें।

चौपाल से लेकर क्लासरूम तक जुटे लोग

इस पर्यावरण मित्र अभियान की सबसे खूबसूरत तस्वीर यह रही कि इसमें सिर्फ प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि गांव की चौपाल से लेकर स्कूल के स्टाफ और सफाई कर्मचारियों तक ने एक साथ मिलकर मिट्टी खोदी और पौधे रोपे।

इस मौके पर विकास कम्बोज, पंचायत सचिव सुरेंद्र बरानी, नरेश सैनी, जसवंत बांकुरा, सुनील अलाहर, देवेंद्र सिंह और इलाके के जाने-माने पर्यावरण प्रेमी महेंद्र कुमार खेड़ा विशेष रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा मानसिंह चंदेल, सबरेज अहमद, सुभाष लांबा, जयदेव लंबरदार, संजीव पीटीआई, सुनील सिवाच, उधम सिंह, नरेंद्र बंटी, जितेंद्र सिंह (पीटीआई), नविता, दीक्षा, भारती, विनोद शर्मा, अनिल रोहिल्ला, सतीश तूसंग, अरुण कैहरबा, गुंजन, जगदीश भादसो, धर्मवीर लठवाल, सुमन देवी, सतवीर, कदम, रोहित बग्गा और सफाईकर्मी नरेश कुमार सहित पूरा स्कूल स्टाफ और ग्रामीण इस हरित क्रांति का गवाह बना।

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