इंद्री। हरियाणा सरकार की मंशा के अनुरूप आम नागरिकों को अपनी छोटी-बड़ी प्रशासनिक समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों की खाक न छाननी पड़े, इसके लिए इंद्री प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। वीरवार को एसडीएम कार्यालय परिसर में आयोजित समाधान शिविर में दूर-दराज के गांवों से पहुँचे फरियादियों की शिकायतों को संजीदगी से सुना गया। शिविर की कमान संभाल रहे एसडीएम डॉ. रमन गुप्ता ने विभिन्न विभागों से संबंधित मामलों को न केवल देखा, बल्कि मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों की क्लास लगाते हुए उनके त्वरित निवारण के सख्त निर्देश भी जारी किए।
प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद, पारदर्शिता पर जोर
एसडीएम डॉ. रमन गुप्ता ने शिविर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन समाधान शिविरों का असल उद्देश्य आम आदमी और प्रशासनिक अमले के बीच की दूरी को खत्म करना है। उन्होंने कहा, “जब जनता और अधिकारी एक ही मेज पर आमने-सामने बैठते हैं, तो काम में पारदर्शिता आती है और फाइलों की पेंडेंसी खत्म होती है। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की जायज मांग को लालफीताशाही की भेंट न चढ़ने दिया जाए।”
हर सोमवार और वीरवार को खुलेगा ‘न्याय का मंच’
इलाका वासियों को शेड्यूलिंग की जानकारी देते हुए एसडीएम ने बताया कि अब नागरिकों को अपनी अर्जियां लेकर असमंजस में रहने की जरूरत नहीं है। उपमंडल स्तर पर प्रत्येक सोमवार और वीरवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक यह समाधान शिविर नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने इंद्री क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे किसी भी विभागीय समस्या या त्रुटि को ठीक कराने के लिए इन निर्धारित दिनों में बेझिझक शिविर में पहुँच सकते हैं।
इन विभागों से जुड़ी शिकायतों की रही भरमार
वीरवार को लगे इस शिविर में सबसे ज्यादा भीड़ परिवार पहचान पत्र (Family Id) में आय वेरिफिकेशन की त्रुटियों, बुढ़ापा व दिव्यांग पेंशन की रुकी हुई किस्तों और बिजली-पानी के बिलों में गड़बड़ी को लेकर रही। मौके पर मौजूद टेक्निकल टीमों ने कई उपभोक्ताओं के डेटा को ऑन द स्पॉट दुरुस्त किया, जबकि जटिल मामलों के लिए अधिकारियों को एक निश्चित समय सीमा (डेडलाइन) के भीतर रिपोर्ट सबमिट करने को कहा गया है।

