Jhajjar News: झज्जर जिले के ऐतिहासिक बेरी शहर में सफाई व्यवस्था का ढर्रा पूरी तरह पटरी से उतर चुका है। माता भीमेश्वरी देवी मंदिर के पीछे पिछले एक साल से जमा हो रहे कचरे के पहाड़ों ने स्थानीय बाशिंदों और पार्षदों के सब्र का बांध तोड़ दिया। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब अधिकारियों के कान पर जूं नहीं रेंगी, तो नाराज लोगों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। प्रदर्शनकारियों ने शहर भर से कचरा समेटकर लाई गई एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को सीधे नगर पालिका दफ्तर के मुख्य गेट पर ही खाली कर दिया।
अचानक हुए इस घटनाक्रम से पालिका परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गुस्साए लोगों और पार्षदों ने पालिका प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए गेट पर ही जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे लोगों का साफ कहना था कि अधिकारी सिर्फ बैठकों तक सीमित हैं और धरातल पर सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। पिछले कई महीनों से लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा रही थीं, लेकिन हर बार बात हवा में उड़ा दी गई।
नवरात्र मेले से ठीक पहले प्रशासन की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
बेरी का माता भीमेश्वरी देवी मंदिर न केवल हरियाणा, बल्कि आसपास के कई राज्यों के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। कुछ ही दिनों में नवरात्र शुरू होने वाले हैं, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर के ठीक पीछे बदबू मारते कचरे का ढेर लगे होना न केवल स्वास्थ्य के लिहाज से खतरनाक है, बल्कि धार्मिक भावना से भी खिलवाड़ है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नवरात्र के दौरान मंदिर क्षेत्र की पवित्रता और स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। लेकिन विडंबना यह है कि जिस रास्ते से श्रद्धालु गुजरेंगे, उसके ठीक पास महीनों से गंदगी का डंपिंग यार्ड बना हुआ है। लगातार उठती दुर्गंध और मक्खी-मच्छरों के प्रकोप से आसपास के दुकानदारों और रहवासियों का जीना मुहाल हो चुका है।
टेंडर प्रक्रिया के फेर में फंसा निस्तारण: पालिका जेई का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका के कनिष्ठ अभियंता (JE) रोहित लोहचब ने दफ्तर पहुंचकर लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। उन्होंने प्रशासनिक मजबूरी गिनाते हुए बताया कि मंदिर के पीछे एकत्रित कचरे के स्थाई निस्तारण के लिए विभागीय टेंडर जारी कर दिया गया है। टेंडर की कागजी कार्रवाई अंतिम चरण में है और इसे जल्द ही खोल दिया जाएगा।
कनिष्ठ अभियंता ने दावा किया कि टेंडर अलॉट होते ही धरातल पर काम शुरू करा दिया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि नवरात्र शुरू होने से पहले मंदिर क्षेत्र की पूरी तरह सफाई करा दी जाएगी, ताकि बाहर से आने वाले किसी भी श्रद्धालु या स्थानीय नागरिक को असुविधा का सामना न करना पड़े। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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