Jhajjar Cartridges Recovery: हरियाणा के झज्जर जिले में रोहद टोल प्लाजा के पास से बरामद 25 हजार जिंदा कारतूसों की अंतरराष्ट्रीय खेप के मामले में रोहतक STF की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस पूरे अवैध नेटवर्क में सिरसा के नोहरिया बाजार स्थित महक गन हाउस के मालिक विजय मलिक की मुख्य भूमिका सामने आई है। एसटीएफ को अंदेशा है कि विजय के तार कारतूसों की यह भारी-भरकम खेप मंगवाने वाले मुख्य सरगना से सीधे जुड़े हुए हैं।
पंचकूला-चंडीगढ़ से खरीद और बिना लाइसेंस का खेल
एसटीएफ की तफ्तीश में सामने आया कि आरोपी विजय अधिक मुनाफे के लालच में पंचकूला, चंडीगढ़ और हरियाणा के विभिन्न शहरों से कारतूसों की खेप जुटाता था। हैरानी की बात यह है कि जिस दुकान से वह यह काला कारोबार चला रहा था, जांच में उसका न तो कोई वैध लाइसेंस मिला और न ही कोई फर्म रजिस्टर्ड पाई गई। करीब 50 साल पुराने इस गन हाउस का नाम समय-समय पर बदला गया। फिलहाल बालाजी गन हाउस और महक गन हाउस के नाम से बिना किसी कर्मचारी के खुद विजय ही इन दुकानों का संचालन कर रहा था।
दुकान अक्सर रखता था बंद, फोन पर होती थी डीलिंग
सिरसा के घंटाघर चौक के पास नोहरिया बाजार स्थित तीन मंजिला मकान में बनी अपनी दुकानों पर विजय किसी बाहरी व्यक्ति या कर्मचारी को नहीं रखता था। आसपास के दुकानदारों के मुताबिक, वह दुकान पर बहुत कम दिखाई देता था और अक्सर शटर गिराकर ही रखता था। जब भी किसी जानकार या ग्राहक का फोन आता, वह मांग के हिसाब से कारतूस की सप्लाई देने पहुंच जाता था।
एसटीएफ मांगेगी दोबारा रिमांड, सरगना तक पहुंचने की कवायद
पूछताछ के दौरान आरोपी विजय पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है और गोलमोल जवाब दे रहा है। शनिवार को उसका 2 दिन का पुलिस रिमांड खत्म हो रहा है, जिसे देखते हुए STF उसे दोबारा अदालत में पेश कर 2 से 3 दिन की अतिरिक्त कस्टडी मांगने की तैयारी में है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि 25 हजार कारतूसों की यह डील कितने लाख रुपये में तय हुई थी, इसकी सप्लाई किन-किन लोगों को की जानी थी और इस सिंडिकेट में 4 से 5 अन्य कौन लोग शामिल हैं।
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