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Fake Inspector Arrested Karnal: करनाल में नकली इंस्पेक्टर का पर्दाफाश: कूलर फैक्ट्री में रेड करने पहुंचा जालसाज गिरफ्तार

AAmandeep Singh
करनाल में नकली इंस्पेक्टर का पर्दाफाश: कूलर फैक्ट्री में रेड करने पहुंचा जालसाज गिरफ्तार
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करनाल। करनाल की गलियों में सरकारी अफसर बनकर अवैध वसूली करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। जिले के सांभली गांव का रहने वाला पवन, जो असल में केवल कांटा (वेटिंग स्केल) रिपेयर करने का लाइसेंस रखता था, खुद को लीगल मैट्रोलॉजी विभाग का बड़ा अधिकारी बताकर दुकानदारों में दहशत फैला रहा था। लेकिन उसकी किस्मत ने उस वक्त दगा दे दिया जब उसने एक कूलर फैक्ट्री के मालिक पर हाथ डालने की कोशिश की।

फैक्ट्री संचालक की मुस्तैदी ने बिगाड़ा खेल

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वाकया मंगलवार शाम का है जब आरोपी पवन शहर की एक कूलर फैक्ट्री में धमक पड़ा। वहां पहुंचते ही उसने सरकारी अंदाज में रौब झाड़ना शुरू किया और कांटों (तराजू) की जांच की मांग की। फैक्ट्री संचालक ने जब आपत्ति जताई कि यहां केवल कूलर असेंबल होते हैं और वजन करने का कोई काम नहीं है, तो पवन बहस पर उतर आया। उसने तुरंत एक चालान बुक निकाली, जिस पर पहले से ही विभाग की मुहर और इंस्पेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर मौजूद थे। उसने फैक्ट्री मालिक को सरकारी कार्रवाई और भारी जुर्माने की धमकी देकर डराने की कोशिश की।

लाइसेंस था रिपेयरिंग का, काम कर रहा था ‘इंस्पेक्टरी’ का

जब फैक्ट्री संचालक को उसकी हरकतों पर शक हुआ और सख्ती से अधिकार पत्र मांगा गया, तो पवन ने मोबाइल में एक लाइसेंस की फोटो दिखाई। बारीकी से जांच करने पर पता चला कि वह लाइसेंस विभाग ने केवल वजन मशीनें ठीक करने के लिए जारी किया था। नियम के मुताबिक, रिपेयरिंग का लाइसेंस रखने वाला व्यक्ति न तो किसी संस्थान का निरीक्षण कर सकता है और न ही चालान काटने का हक रखता है। पोल खुलते ही पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद सीआईए-3 की टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में ले लिया।

2025 से चल रहा था वसूली का यह ‘धंधा’

पुलिस की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी पवन की चालान बुक से पता चला कि वह साल 2025 से ही अलग-अलग इलाकों में फर्जी रेड कर रहा था। पकड़े जाने के बाद एक अन्य दुकानदार ने भी सामने आकर बताया कि पवन ने डरा-धमकाकर उससे 5400 रुपये वसूले थे। पुलिस ने मौके पर ही आरोपी से वह रकम बरामद कर पीड़ित दुकानदार को वापस कराई।

सीआईए-3 इंचार्ज अजय कुमार ने बताया कि आरोपी के पास से बरामद फर्जी स्टैंप और चालान बुक यह संकेत देते हैं कि इस खेल में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल पवन पुलिस की गिरफ्त में है और उससे पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अब तक कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।

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