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Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र अस्पताल में डॉक्टर की हैवानियत के बाद नया ड्रामा, महिला आयोग की फटकार पर नर्सों की हड़ताल

AAmandeep Singh
Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र अस्पताल में डॉक्टर की हैवानियत के बाद नया ड्रामा, महिला आयोग की फटकार पर नर्सों की हड़ताल
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र के मुख्य नागरिक अस्पताल (LNJP) में एक 15 साल की मासूम लड़की के साथ डॉक्टर द्वारा की गई हैवानियत का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि अब अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। ‘एक तो चोरी, ऊपर से सीनाजोरी’ की तर्ज पर महिला आयोग की संभावित दंडात्मक कार्रवाई से बचने और अपनी कमियों को छिपाने के लिए अस्पताल की नर्सें सोमवार को सांकेतिक हड़ताल पर बैठ गईं। नर्सिंग स्टाफ के इस कदम ने अब एक बड़ा और बेहद गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि जब अस्पताल के बंद कमरे के भीतर उस नाबालिग बच्ची की अस्मत लूटी जा रही थी, तब इन नर्सों की संवेदनशीलता कहां सो रही थी?

औचक निरीक्षण में खुली थी पोल, चेयरपर्सन रेनू भाटिया का फूटा था गुस्सा

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दरअसल, रविवार को हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने एलएनजेपी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान जब उन्होंने उस भयावह घटना की कड़ियां जोड़ीं, तो सुरक्षा और जिम्मेदारी में भारी लापरवाही सामने आई। रेनू भाटिया का गुस्सा अस्पताल प्रशासन और नर्सिंग स्टाफ पर बुरी तरह फूटा। उन्होंने स्टाफ को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा था कि जब एक नाबालिग लड़की अपने चेकअप के लिए आई थी, तो क्या ड्यूटी पर मौजूद नर्सों का यह फर्ज नहीं था कि वे उस कमरे में लड़की के साथ खड़ी रहतीं? उस वक्त पीड़िता को अकेला क्यों छोड़ दिया गया?

नौकरी बचाने की फिक्र, लेकिन मासूम के साथ हुई दरिंदगी पर साधी चुप्पी

महिला आयोग की इसी फटकार से तिलमिलाई नर्सें सोमवार को एकजुट हो गईं और अस्पताल परिसर में विरोध शुरू कर दिया। इस पर आम जनता और सामाजिक संगठनों का कहना है कि आज ये सभी नर्सें अपनी नौकरी और साख बचाने के लिए तो तुरंत लामबंद हो गईं, लेकिन जब उसी अस्पताल की चारदीवारी के अंदर एक रक्षक डॉक्टर ने ही भक्षक बनकर 15 साल की बच्ची के साथ इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया, तब इन नर्सों ने उस आरोपी डॉक्टर के खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठाई? तब किसी ने इस हैवानियत के विरोध में हड़ताल या प्रदर्शन करने की जहमत क्यों नहीं उठाई?

सीएमओ से वार्ता के बाद काम पर लौटीं नर्सें

इस पूरे घटनाक्रम पर कुरुक्षेत्र के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुखबीर सिंह ने बताया कि महिला आयोग की अध्यक्ष के औचक निरीक्षण के दौरान नर्सिंग स्टाफ के साथ कुछ तीखी बातचीत हुई थी। चेयरपर्सन की कुछ बातें नर्सिंग स्टाफ को नागवार गुजरीं, जिसके विरोध में उन्होंने आज दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल रखी थी। सीएमओ ने आगे कहा, “नर्सिंग एसोसिएशन ने मेरे साथ बैठक की है और अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। समझाइश के बाद वे सभी वापस अपनी ड्यूटी पर लौट रही हैं और अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बहाल कर दी गई हैं।”

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