August 22, 2026

Leopard Attack: सवाई माधोपुर में 3 साल के बच्चे को घर से उठा ले गया तेंदुआ, जंगल में मार डाला, मौत के बाद ग्रामीणों ने बाइक फूंकी

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Leopard Attack: सवाई माधोपुर में 3 साल के बच्चे को घर से उठा ले गया तेंदुआ, जंगल में मार डाला, मौत के बाद ग्रामीणों ने बाइक फूंकी

सवाई माधोपुर में 3 साल के बच्चे को घर से उठा ले गया तेंदुआ

Leopard Attack: सवाई माधोपुर में रणथंभौर टाइगर रिजर्व से सटे दूमोदा गांव में गुरुवार शाम एक दर्दनाक घटना हुई। गांव के बैरवा मोहल्ले में संजय बैरवा का 3 साल का बेटा दिलखुश घर के आंगन में खेल रहा था, तभी तेंदुआ वहां पहुंचा और बच्चे को उठाकर जंगल की तरफ भाग गया। वन विभाग के अधिकारियों ने भी घटना में बच्चे को तेंदुए द्वारा उठाए जाने की पुष्टि की है।

बच्चे की मां ने तेंदुए को बेटे को ले जाते देखा तो वह उसके पीछे भागी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वह बच्चे को बचाने की कोशिश करती रही, लेकिन सफल नहीं हो सकी और सदमे में बेहोश हो गई। दिलखुश चार बहनों का इकलौता भाई था।

 

वन चौकी को सूचना, ग्रामीणों ने खुद शुरू की तलाश

घटना के बाद ग्रामीणों ने फलौदी रेंज की वन चौकी पर पहुंचकर वनकर्मियों को जानकारी दी। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें वन विभाग की टीम के पहुंचने का भरोसा दिया गया, लेकिन करीब ढाई घंटे तक मौके पर कोई नहीं पहुंचा।

इसके बाद ग्रामीण अलग-अलग समूहों में जंगल की ओर निकल गए और बच्चे की तलाश शुरू की। तलाश के दौरान एक पहाड़ी पर दिलखुश लहूलुहान हालत में मिला। ग्रामीण उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

 

बच्चे की मौत के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

दिलखुश की मौत की खबर गांव में पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। वहां लोगों ने हंगामा किया। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर मानटाउन और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों से बातचीत कर हालात संभालने की कोशिश की।

इसके बाद ग्रामीण फलौदी रेंज वन चौकी पहुंच गए। यहां उन्होंने वन विभाग के खिलाफ विरोध जताया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। आक्रोशित लोगों ने चौकी के बाहर खड़ी वनकर्मी की बाइक में आग लगा दी। घटना की सूचना पर रवांजना डूंगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। घटना के बाद ग्रामीणों ने इलाके में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

 

DFO बोले- वन विभाग की टीम गांव के बाहर मौजूद थी

घटना को लेकर रणथंभौर टाइगर रिजर्व के DFO मानस सिंह का पक्ष ग्रामीणों के आरोप से अलग है। उनका कहना है कि वन विभाग की टीम गांव के बाहर मौजूद थी और भीड़ वनकर्मियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही थी। पुलिस टीम के पहुंचने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर गई।

DFO ने यह भी आरोप लगाया कि हाल में वन विभाग ने खनन माफिया के ट्रैक्टर पकड़े थे। उनके मुताबिक, खनन माफिया से जुड़े लोग भीड़ में शामिल हो गए और रेंज परिसर में तोड़फोड़ के बाद बाइक में आग लगा दी। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं हुई है।

 

रणथंभौर से लगे गांवों में वन्यजीवों की मौजूदगी बनी चिंता

दूमोदा गांव रणथंभौर टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे इलाकों में आता है। इस क्षेत्र में पहले भी बाघ और तेंदुए जैसे वन्यजीवों की गतिविधियां सामने आती रही हैं। जून 2025 में फलौदी रेंज के कैलाशपुरी वन क्षेत्र में एक बाघ ने कृषि पर्यवेक्षक और होमगार्ड पर हमला किया था।

ताजा घटना ने जंगल से सटे गांवों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर उन बस्तियों में जहां घर जंगल की सीमा के बेहद करीब हैं, वहां वन्यजीवों की निगरानी और लोगों को समय पर सूचना मिलने की व्यवस्था सीधे तौर पर ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़ती है।

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