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Child Labor Case: महेंद्रगढ़ के सरकारी स्कूल में शर्मनाक वाकया: बच्चों से धुलवाया फर्श, वीडियो वायरल होने पर भड़के ग्रामीण

GGaganpreet Kaur
महेंद्रगढ़ के सरकारी स्कूल में शर्मनाक वाकया: बच्चों से धुलवाया फर्श, वीडियो वायरल होने पर भड़के ग्रामीण
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महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ जिले के एक राजकीय प्राथमिक स्कूल में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का एक बेहद आपत्तिजनक मामला उजागर हुआ है। स्कूल में जब घंटी बच्चों की पढ़ाई और क्लास चलने की थी, तब गुरुजी ने उन्हें कॉपियां बंद कर बाल्टियां और वाइपर उठाने का फरमान सुना दिया। नियमों को ताक पर रखकर बच्चों से स्कूल की गैलरी और कमरों का फर्श साफ करवाया गया। इस पूरी घटना का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बच्चे जिस तरह भारी मन से मजदूरी करते दिख रहे हैं, उसने सूबे की लचर शिक्षा व्यवस्था और ‘राइट टू एजुकेशन’ (RTE) के दावों की सरेआम धज्जियां उड़ा दी हैं।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, बोले- ‘मजदूरी कराने के लिए नहीं भेजते बच्चे’

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घटना की भनक लगते ही बच्चों के माता-पिता और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। दर्जनों की संख्या में अभिभावक स्कूल की चौखट पर आ धमके और हेडमास्टर समेत पूरे स्टाफ को आड़े हाथों लेते हुए जमकर बवाल काटा। स्कूल परिसर में ही ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ भी अपनी भड़ास निकाली। मौके पर मौजूद एक अभिभावक ने बेहद भावुक और गुस्से में कहा, “हम लोग दिन-रात मेहनत करके, अपना पेट काटकर बच्चों को इस उम्मीद से सरकारी स्कूल भेजते हैं कि वे पढ़-लिखकर अफसर बनेंगे, न कि यहां आकर स्कूल के कमरों में पोछा लगाएंगे।” ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी का खामियाजा अक्सर इन मासूमों को भुगतना पड़ता है।

जिला शिक्षा अधिकारी एक्शन में, जांच कमेटी गठित

मामला जैसे ही प्रशासनिक गलियारों तक पहुंचा, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने तुरंत इस पर कड़ा रुख अख्तियार किया। विभाग की ओर से स्कूल के मुख्य अध्यापक (हेडमास्टर) और दोषी शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब तलब किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जमीनी हकीकत जानने के लिए एक विशेष जांच टीम गठित कर दी गई है, जो सीधे स्कूल जाकर बच्चों और ग्रामीणों के बयान दर्ज करेगी।

DEO ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि बच्चों से किसी भी तरह का शारीरिक श्रम कराना कानूनन अपराध है और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार स्टाफ को कतई बख्शा नहीं जाएगा। जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों को सस्पेंड करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही जिले के सभी सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों को सख्त हिदायत दी गई है कि भविष्य में अगर किसी भी संस्थान से ऐसी शिकायत आई, तो सीधे मुखिया पर गाज गिरेगी।

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