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Mahendragarh Lightning Strike: महेंद्रगढ़ में कुदरत का कहर: चरने गई 30 बकरियों पर गिरी बिजली, पल भर में बिछ गईं लाशें

AAmandeep Singh
महेंद्रगढ़ में कुदरत का कहर: चरने गई 30 बकरियों पर गिरी बिजली, पल भर में बिछ गईं लाशें
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महेंद्रगढ़। दक्षिण हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर अब जान-माल के नुकसान में तब्दील होने लगा है। महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव खेड़की में बुधवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। यहां खेतों में चर रही बकरियों के झुंड पर अचानक आसमानी बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से 30 बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। मंजर इतना खौफनाक था कि देखते ही देखते पूरा खेत बेजुबानों के शवों से पट गया। इस घटना के बाद से गांव में मातम और दहशत का माहौल है।

शाम 5 बजे बदला मौसम और शुरू हुआ मौत का तांडव

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गांव खेड़की निवासी पीड़ित पशुपालक दयाराम ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह रोजाना की तरह अपनी बकरियों को चराने के लिए पास के खेतों में गया था। शाम करीब 5 बजे अचानक आसमान में काली घटाएं छाईं और तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। अभी दयाराम कुछ समझ पाता या बकरियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाता, तभी कान फाड़ देने वाली आवाज के साथ बिजली कड़कड़ाई और सीधा झुंड पर जा गिरी। दयाराम की आंखों के सामने ही उसकी मेहनत और जमा-पूंजी मिट्टी में मिल गई।

2 लाख का नुकसान, उजड़ गया आजीविका का सहारा

दयाराम के अनुसार, इस हादसे में उसे करीब 2 लाख रुपये से ज्यादा का वित्तीय नुकसान हुआ है। उसने बताया कि हाल ही में उसने 60 हजार रुपये की मोटी रकम खर्च कर दो विशेष नस्ल के बकरे खरीदे थे, वे भी इस आसमानी बिजली का शिकार हो गए। दयाराम और उसका परिवार पूरी तरह से बकरी पालन के व्यवसाय पर ही निर्भर था। अब बकरियों की मौत के बाद उसके पास परिवार के पालन-पोषण का कोई जरिया नहीं बचा है।

मुआवजे की गुहार: ग्रामीणों ने सरकार से लगाई अपील

हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और प्रशासन को इसकी जानकारी दी। ग्रामीणों ने पीड़ित दयाराम को ढांढस बंधाया और प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि दयाराम एक गरीब किसान है और पशुपालन ही उसकी आय का एकमात्र स्रोत था। ऐसे में सरकार को विशेष गिरदावरी करवाकर या आपदा राहत कोष से तुरंत आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए ताकि वह फिर से अपना काम खड़ा कर सके।

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