Medical College Haryana: HPSC को हाईकोर्ट का झटका, मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के बीच नियम बदलना पड़ा भारी

मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के बीच नियम बदलना पड़ा भारी
Medical College Haryana: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया से जुड़े एक अहम मामले में अपना फैसला सुनाया है। अदालत ने भर्ती प्रक्रिया के बीच में इंटरव्यू के लिए न्यूनतम अंक तय करने वाले 13 दिसंबर 2022 के आयोग के आदेश को खारिज कर दिया। डॉ. सुरेंद्र सिंह सहित चार अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दायर याचिकाओं का निपटारा करते हुए जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने HPSC को निर्देश दिया कि चयन प्रक्रिया को मूल विज्ञापन में दिए गए मानदंडों के अनुसार ही नए सिरे से पूरा किया जाए।
189 पदों की भर्ती में क्या था विवाद?
यह पूरा विवाद हरियाणा के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी के 189 पदों पर नियमित भर्ती से जुड़ा है। 31 मई 2022 को चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान महानिदेशक ने इसके लिए विज्ञापन जारी किया था। तय योजना के तहत 75 अंक शैक्षणिक योग्यताओं व पूर्व-निर्धारित मापदंडों के थे, जबकि 25 अंक इंटरव्यू के रखे गए थे। हालांकि, चयन प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद 13 दिसंबर 2022 को आयोग ने अचानक एक नया नोटिस जारी कर दिया। इसमें शर्त रख दी गई कि सामान्य वर्ग के उम्मीदवार को इंटरव्यू में कम से कम 50% और आरक्षित वर्ग को 45% अंक हासिल करने ही होंगे, वर्ना वे पूरी दौड़ से बाहर हो जाएंगे।
HPSC की विश्वसनीयता पर सवाल, कोर्ट ने कहा- संदेह से परे हो भर्ती एजेंसी
याचिकाकर्ताओं की दलीलों को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि चयन प्रक्रिया के मानदंड तय करने का काम नियोक्ता यानी विभाग का था, HPSC का काम सिर्फ इंटरव्यू आयोजित करना था। आयोग को मूल चयन योजना में फेरबदल करने का कोई कानूनी हक नहीं था। अदालत ने टाइमिंग पर भी कड़ा एतराज जताया। 13 दिसंबर को न्यूनतम अंकों की शर्त लगाई गई, जबकि इंटरव्यू 19 और 20 दिसंबर को होने थे। उस वक्त आयोग को पहले से पता था कि कौन-कौन अभ्यर्थी इंटरव्यू की दौड़ में शामिल हैं। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि राज्य की मुख्य भर्ती एजेंसी होने के नाते HPSC की कार्यप्रणाली की साख और विश्वसनीयता हमेशा संदेह से परे होनी चाहिए।
अब मूल 100 अंकों के आधार पर दोबारा बनेगी मेरिट
हाईकोर्ट ने 13 दिसंबर 2022 के विवादित आदेश को निरस्त करने के साथ ही 23 दिसंबर 2022 के अंतिम परिणाम को भी उस सीमा तक रद्द कर दिया है, जिसके तहत कई उम्मीदवारों को इंटरव्यू में कटऑफ अंक न मिलने के आधार पर बाहर कर दिया गया था। अब आयोग को निर्देश दिया गया है कि वह मूल विज्ञापन की शर्तों—यानी 75 अंक शैक्षणिक मूल्यांकन और 25 अंक इंटरव्यू—को जोड़कर 100 अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट नए सिरे से तैयार करे। इंटरव्यू में बिना किसी न्यूनतम कटऑफ के जो अभ्यर्थी मेरिट में आएंगे, उन्हें नियमानुसार नियुक्ति दी जाएगी।
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