Moga Vigilance Bureau Arrests SHO Sunita Bawa : 50 हजार रुपए रिश्वत लेती कोट ईसे खां थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता बावा और गनमैन गिरफ्तार
50 हजार रुपए रिश्वत लेती कोट ईसे खां थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता बावा और गनमैन गिरफ्तार
Moga Vigilance Bureau Arrests SHO Sunita Bawa : मोगा जिले के थाना कोट ईसे खां की प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता बावा और उनके गनमैन होमगार्ड जवान गुरअवतार सिंह को विजिलेंस ब्यूरो ने 50 हजार रुपये की रिश्वत के मामले में देर रात गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस की टीम ने जीरा रोड पर योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाकर यह कार्रवाई अंजाम दी। इस कार्रवाई से पूरे मोगा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मामले की शुरुआत नूरपुर हकीमां निवासी राजविंदर सिंह की शिकायत से हुई। राजविंदर ने आरोप लगाया था कि एक मामले को रफा-दफा करने के एवज में थाना प्रभारी सुनीता बावा लगातार रिश्वत की मांग कर रही थीं।
जीरा रोड पर विजिलेंस का बिछाया जाल
शिकायतकर्ता राजविंदर सिंह विजिलेंस की तय रणनीति के अनुसार 50 हजार रुपये लेकर जीरा रोड स्थित निर्धारित स्थान पर पहुंचा। वहां पहले से तैयार विजिलेंस टीम ने सरकारी गवाहों की मौजूदगी में गनमैन गुरअवतार सिंह को रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। इसके तुरंत बाद विजिलेंस अधिकारियों ने थाना प्रभारी की भूमिका की पुष्टि के लिए गनमैन से फोन करवाया।
फोन पर गनमैन ने इंस्पेक्टर सुनीता बावा को सूचित किया कि 50 हजार रुपये की रिश्वत मिल गई है। जवाब में महिला इंस्पेक्टर ने कथित रूप से कहा कि वह रकम लेकर उनके घर आ जाए।
घर पर छापेमारी कर महिला इंस्पेक्टर को किया काबू
कॉल पर रिश्वत की पुष्टि होते ही विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने इंस्पेक्टर सुनीता बावा के आवास पर छापेमारी की। अधिकारियों ने मौके से ही महिला थाना प्रभारी को हिरासत में ले लिया। इस पूरी नाटकीय कार्रवाई ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कार्रवाई के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, मामले के संबंध में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका संपर्क नहीं हो सका।
मोगा में भ्रष्टाचार पर स्थानीय लोगों का आक्रोश
कोट ईसे खां और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पुलिस अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगने की इस घटना से जनता में गहरा असंतोष है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस थानों में आम लोगों की सुनवाई के बदले पैसों की मांग से कानून-व्यवस्था पर से भरोसा उठता है। विजिलेंस की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
Raja Warring ने CM Bhagwant Mann से मंत्री आवासों से कब्जे हटवाने की मांग उठाई
