PM Kisan 23rd Installment: खेती-किसानी के मौजूदा सीजन के बीच केंद्र सरकार ने देश के छोटे और सीमांत किसानों की जेब में सीधी आर्थिक मदद पहुंचाकर बड़ी राहत दी है। पश्चिम बंगाल के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता से करीब 62 किलोमीटर दूर तारकेश्वर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के मंच से ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ की 23वीं किस्त को देश भर के लिए जारी किया।
लंबे समय से इस किस्त की राह देख रहे 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के लिए यह खबर किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। सरकार की ओर से एक ही झटके में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से कुल 18,880 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि सीधे अन्नदाताओं के बैंक खातों में जमा करा दी गई है।
हर साल 6 हजार रुपये की मदद, 2018 से जारी है सफर
साल 2018-19 में शुरू की गई पीएम किसान सम्मान निधि योजना आज देश के ग्रामीण इलाकों में आर्थिक संबल का सबसे बड़ा जरिया बन चुकी है। इस योजना के जरिए केंद्र सरकार उन गरीब और जरूरतमंद किसानों को सालभर में 6 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिन्हें बुवाई या खाद-बीज के लिए साहूकारों पर निर्भर रहना पड़ता था।
सरकार यह पूरी रकम एक साथ देने के बजाय साल में तीन बार, 2-2 हजार रुपये की समान किस्तों में जारी करती है। इससे ठीक पहले बीते 13 मार्च को सरकार ने योजना की 22वीं किस्त किसानों के खातों में भेजी थी, और अब जून के महीने में यह अगली किस्त भी ट्रांसफर कर दी गई है।
कैसे जांचें अपने खाते का स्टेटस?
अगर आप भी इस योजना के लाभार्थी हैं और यह देखना चाहते हैं कि आपके खाते में 2 हजार रुपये पहुंचे हैं या नहीं, तो इसकी प्रक्रिया बेहद आसान है। इसके लिए किसानों को योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाना होगा। वेबसाइट के होमपेज पर मौजूद ‘बेनिफिशियरी लिस्ट’ (Beneficiary List) या स्टेटस वाले विकल्प पर क्लिक करना होगा।
इसके बाद आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा और स्क्रीन पर दिखाई दे रहे कैप्चा (Captcha) कोड को भरकर ‘गेट डेटा’ (Get Data) पर क्लिक करना होगा। ऐसा करते ही आवेदन की स्थिति और किस्त का पूरा ब्योरा आपके सामने आ जाएगा।
नियमों में सख्ती: इन किसानों की अटक गई किस्त
खुशखबरी के बीच एक कड़वा सच यह भी है कि इस बार देश के लाखों किसान इस किस्त के लाभ से वंचित रह गए हैं। सरकार ने इस बार अपात्रों और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए नियमों में खासी सख्ती बरती है। ऐसे तमाम किसान जिन्होंने तय समय सीमा के भीतर अपना ई-केवाईसी (e-KYC) और भू-सत्यापन (Land Verification) नहीं करवाया था, उनके खातों में पैसे नहीं भेजे गए हैं।
इसके अलावा, यदि किसी एक ही किसान परिवार में नियमों के खिलाफ जाकर दो लोग इस योजना का लाभ उठा रहे थे, तो जांच के बाद इस बार उनका नाम भी सूची से काट दिया गया है। कृषि विभाग ने साफ किया है कि केवल वही किसान लाभ पा सकेंगे जो योजना की सभी कानूनी शर्तों को पूरी तरह पूरा करते हैं।

