HSSC CET Group D: फॉर्म भरने में युवा कर रहे बड़ी गलतियां, आयोग ने जारी की सख्त चेतावनीHSSC CET Group D: फॉर्म भरने में युवा कर रहे बड़ी गलतियां, आयोग ने जारी की सख्त चेतावनी

HSSC CET Group D: हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की ग्रुप डी भर्ती परीक्षा की तैयारी में जुटे युवाओं के लिए एक बेहद जरूरी और सतर्क करने वाली खबर है। आयोग के संज्ञान में आया है कि साइबर कैफे के चक्कर में या जल्दबाजी के चलते कई उम्मीदवार आवेदन फॉर्म भरते समय भारी गलतियां कर रहे हैं।

आयोग ने साफ लहजे में उम्मीदवारों को सचेत किया है कि ये चूक उनके सरकारी नौकरी के सपने को झटका दे सकती है। अधिकारियों के मुताबिक, फॉर्म जमा होने के बाद स्क्रूटनी के वक्त ये गलतियां पकड़ी गईं तो आवेदन सीधे तौर पर प्रभावित या रद्द हो सकते हैं।

50 हजार से पार पहुंचा आंकड़ा, फाइनल सबमिशन में न करें जल्दबाजी

आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, CET Group D भर्ती के लिए युवाओं में भारी क्रेज देखने को मिल रहा है। अब तक कुल 50,146 अभ्यर्थी पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा चुके हैं, जिनमें से 10,646 उम्मीदवारों ने अपने आवेदन को पूरी तरह जांचकर फाइनल सबमिट भी कर दिया है।

चूंकि आवेदन करने वाले युवाओं की संख्या हर घंटे तेजी से बढ़ रही है, इसलिए सर्वर और तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए आयोग ने पहले ही सावधान रहने को कहा है। किसी भी दस्तावेज को अपलोड करते समय उसकी स्पष्टता और साइज का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।

दूसरों के भरोसे न छोड़ें भविष्य, खुद जांचें हर एक कॉलम

आमतौर पर देखने में आता है कि ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के युवा खुद फॉर्म भरने के बजाय पूरी तरह साइबर कैफे संचालकों पर निर्भर हो जाते हैं। HSSC ने इसी ढर्रे पर चोट करते हुए अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अपना आवेदन पत्र स्वयं भरें या कम से कम कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठकर एक-एक जानकारी दर्ज कराएं।

नाम की स्पेलिंग, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि और सामाजिक-आर्थिक मानदंड (Socio-Economic Criteria) के अंकों का दावा करते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी। एक बार आवेदन लॉक या फाइनल सबमिट हो गया, तो उसके बाद सॉफ्टवेयर में इन त्रुटियों को सुधारना टेढ़ी खीर साबित होगा।

फर्जी खबरों पर लगेगा लगाम, आयोग ने शुरू किया व्हाट्सएप चैनल

भर्ती प्रक्रिया शुरू होते ही सोशल मीडिया और यूट्यूब चैनलों पर तरह-तरह की अफवाहें और भ्रामक जानकारियां तैरने लगती हैं। इससे बचने के लिए HSSC ने अभ्यर्थियों को हिदायत दी है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से आने वाली सूचनाओं को ही सच मानें।

युवाओं की सहूलियत और उनकी शंकाओं के तुरंत समाधान के लिए आयोग अब खुद सीधे संवाद की राह पर चल पड़ा है। इसके लिए एक आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल भी संचालित किया जा रहा है, जिससे जुड़कर कोई भी उम्मीदवार भर्ती से जुड़े ताजा और 100% सटीक अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पा सकता है। अंतिम सबमिशन से पहले पूरे डेटा का मिलान करना ही चयन की पहली सीढ़ी है।

By Jagmarg